नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने की राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग

श्री अधिकारी ने शनिवार को नयी दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महिला मुख्यमंत्री के शासन में बंगाल में महिलाएं व लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने राष्ट्रपति शासन लागू करने और सेना व केंद्रीय बलों को तैनात करने की मांग की.

कोलकाता.

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला. श्री अधिकारी ने शनिवार को नयी दिल्ली रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महिला मुख्यमंत्री के शासन में बंगाल में महिलाएं व लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने राष्ट्रपति शासन लागू करने और सेना व केंद्रीय बलों को तैनात करने की मांग की. गौरतलब है कि नयी दिल्ली पहुंचने के बाद श्री अधिकारी एम्स दिल्ली पहुंचे और वहां तमलुक से भाजपा सांसद व पूर्व जस्टिस अभिजीत गांगुली से मुलाकात की. विपक्ष के नेता ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. राष्ट्रपति शासन या अनुच्छेद 355 लागू किया जाना चाहिए और सेना व अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया जाना चाहिए. जब तक आप ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर नहीं करेंगे, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी. पूरी तृणमूल कांग्रेस दुष्कर्मियों, भ्रष्ट और राष्ट्र-विरोधी लोगों की है. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी के प्रमुख के तौर पर तृणमूल कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया जाता है और यह तालिका शिक्षा विभाग की बजाय पार्टी कार्यालय से बन कर आता है. श्री अधिकारी ने दावा किया कि ज्यादातर कॉलेज व यूनिवर्सिटी में अयोग्य लोगों को परिचालन का दायित्व दिया गया है.

बंगाल में स्थिित भयावह, लगे राष्ट्रपति शासन : चिराग

कोलकाता/ पटना. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में विधि की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना की निंदा की और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किये जाने की वकालत की. इस मामले में गिरफ्तार किये गये मुख्य आरोपी के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से जुड़े होने का आरोप है. इस मामले में पुलिस अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सहयोगी पासवान ने यहां पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया : बंगाल में स्थिति भयावह हो गयी है. हत्या, लूट और दुष्कर्म की घटनाओं के बिना एक दिन भी नहीं गुजरता. ऐसे ज्यादातर मामलों में अपराधी वहां की सत्ताधारी पार्टी से जुड़े रहे हैं. चिराग पासवान ने यह भी दावा किया कि बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी अपने विरोधियों पर उंगली उठाने में माहिर है, लेकिन अपने घर को व्यवस्थित करने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया : स्वतंत्रता के 75 वर्ष बाद भी अन्य राज्यों की अपेक्षा पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की घटनाएं अधिक होती हैं, इसलिए मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए और विधानसभा चुनाव होने तक इसे लागू रहना चाहिए. तभी हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कर सकते हैं. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. राजग की सबसे बड़ी सहयोगी भाजपा पिछले एक दशक में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी है.

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Published by: Bijay kumar

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