विधानसभा चुनाव में पक्षपाती पुलिस अफसरों को न दें ड्यूटी : नेता प्रतिपक्ष

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक पत्र लिखकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान पक्षपाती पुलिस अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने का आग्रह किया है.

कोलकाता.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक पत्र लिखकर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान पक्षपाती पुलिस अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने का आग्रह किया है. अधिकारी ने दावा किया कि हाल ही में दीघा में पुलिस संघ के एक सम्मेलन में कई प्रतिभागियों ने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा व्यक्त की थी.

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इन पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्षता बनाये रखने के मानदंडों को तोड़ दिया है और पक्षपाती हो गये हैं. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने पर इन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी पर नहीं लगाया जाना चाहिए.” अधिकारी ने कहा, “मैंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को एक पत्र भेजकर पक्षपाती पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने की मांग की है.” भाजपा नेता ने कहा कि वर्दीधारी पुलिसकर्मी इस तरह के राजनीतिक बयान नहीं दे सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पुलिस ने राज्य में लोकतंत्र के बचे-खुचे अवशेष को भी नष्ट कर दिया है. अधिकारी ने दावा किया कि अधिकांश पुलिसकर्मी तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाने की मांग कर रहे हैं.

चुनावी कार्याें के लिए डेटा एंट्री आॅपरेटरों की नियुक्ति का भी उठाया मुद्दा

उन्होंने चुनाव संबंधी कार्यों के लिए डेटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति का मुद्दे उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार के स्वामित्व वाली ‘वेबेल टेक्नोलॉजी लिमिटेड’ को ऐसे कर्मियों की नियुक्ति का काम सौंपा गया है, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक सलाहकार फर्म आई-पैक से लिया जायेगा. उन्होंने कहा, “डेटा एंट्री ऑपरेटरों को आदर्श रूप से पश्चिम बंगाल सरकार का स्थायी कर्मचारी होना चाहिए.” पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने हाल ही में जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे एसआइआर या अन्य चुनाव संबंधी कार्यों के लिए संविदा पर डेटा एंट्री ऑपरेटरों व बांग्ला सहायता केंद्र के कर्मचारियों को नियुक्त न करें.

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Published by: Bijay kumar

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