कांकपुल-1 गैस खोज को लेकर शमिक ने संसद में उठाये सवाल

उन्होंने कहा कि कांकपुल-1 अन्वेषण कुएं की 2,730 मीटर गहराई तक ड्रिलिंग 19 अक्तूबर को पूरी कर ली गयी थी.

कोलकाता. लोकसभा में जारी बजट सत्र के दौरान भाजपा के राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने प्रश्नकाल में कांकपुल-1 गैस खोज परियोजना की स्थिति को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से विस्तृत जानकारी मांगी. सांसद ने मंत्री से पूछा कि 2,730 मीटर की गहराई तक खोदे गये कांकपुल-1 अन्वेषण कुएं का मूल्यांकन चरण क्या पूरा हो चुका है और क्या 25 अगस्त 2022 को गैस खोज की सूचना दी गयी थी? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि 19 नवंबर 2025 को मूल्यांकन अवधि समाप्त होने के बाद इसके प्रमुख निष्कर्ष क्या रहे, जिनमें अनुमानित पुनर्प्राप्त करने योग्य गैस भंडार, जलाशय की गुणवत्ता और खोज की व्यावसायिक व्यवहार्यता शामिल है. इसके अलावा उन्होंने पूछा कि क्या ऑपरेटर ने फील्ड डेवलपमेंट प्लान (एफडीपी), शीघ्र मुद्रीकरण या वाणिज्यिक उत्पादन से संबंधित कोई प्रस्ताव सरकार को सौंपा है और यदि यह खोज व्यवहार्य पायी जाती है, तो सरकार द्वारा विकास एवं उत्पादन शुरू करने के लिए क्या कदम प्रस्तावित हैं?

इस पर जवाब देते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि कांकपुल-1 खोज कुएं की मूल्यांकन अवधि 20 अक्तूबर 2022 से 19 अक्तूबर 2025 तक निर्धारित थी. उन्होंने कहा कि कांकपुल-1 अन्वेषण कुएं की 2,730 मीटर गहराई तक ड्रिलिंग 19 अक्तूबर को पूरी कर ली गयी थी. मंत्री के अनुसार, कांकपुल-1 के मूल्यांकन कार्यक्रम में अतिरिक्त परीक्षण तथा एक मूल्यांकन कुएं की ड्रिलिंग शामिल थी.

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) द्वारा प्रस्तुत खोज की वाणिज्यिक घोषणा के अनुसार, इस क्षेत्र में गैस की कुल अनुमानित पुनर्प्राप्त करने योग्य मात्रा 33.3 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एमएमएससीएम) आंकी गयी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्पादन साझाकरण अनुबंध के प्रावधानों के तहत ऑपरेटर को 16 अक्तूबर 2026 तक विकास और उत्पादन से जुड़े विवरणों के साथ फील्ड डेवलपमेंट प्लान प्रस्तुत करने का अधिकार है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >