कोलकाता.
तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किये गये भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर की विधानसभा में सीट बदले जाने को लेकर लगाये जा रहे कयास मंगलवार को गलत साबित हो गये. विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन हुमायूं कबीर अपने पुराने स्थान पर ही बैठे नजर आये. मंगलवार से पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ. सत्र के पहले दिन हुमायूं कबीर भी सदन में पहुंचे. उन्हें पहले की तरह रुलिंग पार्टी तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के बीच बैठे देखा गया. गौरतलब है कि पार्टी से निलंबन के बाद यह अटकलें तेज थीं कि विधानसभा कक्ष में उनकी सीट बदली जा सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया.उल्लेखनीय है कि दिसंबर में हुमायूं कबीर को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किये जाने के बाद उन्होंने जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) के नाम से नयी राजनीतिक पार्टी का गठन किया था. इसके बावजूद बजट सत्र के दौरान उनकी सीट व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं देखा गया. ज्ञात हो कि निलंबन के बाद विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने कहा था कि सदन में हुमायूं कबीर के बैठने की सीट बदली जा सकती है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि हुमायूं कबीर विधायक बने रहेंगे, लेकिन भविष्य में उन्हें तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच किसी न्यूट्रल सीट पर बैठाया जा सकता है. स्पीकर ने यह भी कहा था कि यदि हुमायूं कबीर विधायक पद से इस्तीफा देने आते हैं और वह कानूनी रूप से वैध होगा, तो उसे स्वीकार किया जायेगा.गौरतलब है कि चार दिसंबर को तृणमूल कांग्रेस ने भरतपुर विधायक हुमायूं कबीर को छह वर्षों के लिए निलंबित कर दिया था. हुमायूं कबीर का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है. वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था. उनकी पसंदीदा सीट रेजिनगर के बजाय पार्टी ने उन्हें भरतपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा था, जहां उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस विधायक कमलेश चटर्जी को हराकर विधानसभा में प्रवेश किया था.
