Samik Bhattacharya on Gen Z: आगामी नगर निकाय चुनावों (Municipal Elections) से ठीक पहले पश्चिम बंगाल में नया सियासी समीकरण आकार ले रहा है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) ने युवाओं (Gen-Z) और बंगाली खान-पान संस्कृति पर पार्टी का आधिकारिक और स्पष्ट रुख सामने रखा है.
युवा पीढ़ी पर अपनी सोच नहीं तोपती भाजपा : शमिक
कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने सोमवार (7 सितंबर) को कहा कि बीजेपी युवा पीढ़ी पर अपनी सोच थोपने में विश्वास नहीं रखती. उन्हें खुलकर अपनी बात रखने की पूरी आजादी देती है.
जेन-जी के पास राष्ट्रवाद का मजबूत आधार : शमिक
नगर निकाय चुनावों से पहले युवाओं को एक महत्वपूर्ण वोट बैंक के रूप में देखे जाने के बीच शमिक भट्टाचार्य ने Gen-Z (वर्ष 2000 और उसके बाद जन्म लेने वाली पीढ़ी) को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा- जेन-जी को अलग-थलग समूह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. आज का युवा राष्ट्रवाद, देशभक्ति और भारत माता के प्रति सम्मान की भावना में विश्वास रखता है. पार्टी उन्हें समाज के मुख्यधारा के हिस्से के रूप में देखती है.
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शमिक ने पूछा- नवमी के दिन मछली-मांस खाने में क्या बुराई है?
हाल ही में कुछ हिंदू संगठनों के नेताओं द्वारा बंगाली हिंदुओं से नवरात्र के दौरान मांसाहारी भोजन से परहेज करने की अपील के बाद उपजे विवाद पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने खुलकर अपनी राय रखी. शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि लोगों को यह तय करने की पूरी आजादी होनी चाहिए कि वे क्या खाना चाहते हैं. उन पर सांस्कृतिक या धार्मिक आधार पर कोई पाबंदी नहीं लगायी जा सकती.
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बंगाली परंपरा का भाजपा अध्यक्ष ने किया समर्थन
पश्चिम बंगाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा- खान-पान का चयन व्यक्ति की अपनी पसंद होनी चाहिए और दूसरों को इसे तय करने का कोई अधिकार नहीं है. अगर कोई व्यक्ति नवमी के दिन मछली या मांस खाना चाहता है, तो इसमें क्या बुराई है? उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति मछली खा सकता है, कोई मांस खा सकता है या कोई पूरी तरह शाकाहारी रह सकता है. यह हर नागरिक का अपना व्यक्तिगत निर्णय है. बीजेपी इसका पूरी तरह सम्मान करती है.
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