बंगाल की हालत से दुखी हूं, राज्य में बदलाव अपरिहार्य : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले सोमवार को पश्चिम बंगाल के लोगों के नाम एक खुला पत्र लिखा है.

विधानसभा चुनाव से पहले पीएम ने राज्य के मतदाताओं को लिखा खुला पत्र

संवाददाता, कोलकाताप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले सोमवार को पश्चिम बंगाल के लोगों के नाम एक खुला पत्र लिखा है. पत्र के जरिये उन्होंने फर्जी वोटरों से लेकर घुसपैठ सहित कई मुद्दों पर राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा. पत्र में पीएम मोदी ने कहा है कि वह ममता बनर्जी के मौजूदा शासन में राज्य के विभिन्न वर्गों के नागरिकों की पीड़ा से व्यथित हैं. उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिवर्तन ‘अपरिहार्य’ है. मतदाताओं का एक ‘सही निर्णय’ राज्य को देश के बाकी हिस्सों में देखे गये तेज विकास के साथ जोड़ सकता है. बांग्ला में लिखे खुले पत्र में, मोदी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को कुशासन और तुष्टीकरण की राजनीति से लेकर फर्जी मतदाताओं, रोजगार की कमी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर निशाना बनाया. पत्र की शुरुआत उन्होंने ‘जय मां काली’ के उद्घोष के साथ की. खुले पत्र में उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर धार्मिक शरणार्थियों को भी संदेश दिया. गौरतलब है कि भाजपा ने फरवरी की शुरुआत से ही राज्य में गृह संपर्क अभियान शुरू किया है. प्रधानमंत्री द्वारा लिखा गया खुला पत्र उक्त कार्यक्रम के जरिये राज्य के आम वोटरों को सौंपा जा रहा है. पत्र की शुरुआत ‘मेरे प्यारे पश्चिम बंगाल के निवासियों’ से हुई. मुख्य भाषण की शुरुआत ‘जय मां काली’ लिखकर की. प्रधानमंत्री ने लिखा है: अगली पीढ़ी का भविष्य आपके सोचे-समझे फैसले पर निर्भर करता है. यह आपकी ज़िम्मेदारी है. प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की अलग-अलग विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया. उनके मुताबिक आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल लंबे समय तक देश की अर्थव्यवस्था और उद्योग में सबसे आगे रहा है. लेकिन अब मिसमैनेजमेंट और तुष्टीकरण की राजनीति की वजह से पश्चिम बंगाल को ऐसा नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती. पत्र में प्रधानमंत्री ने लिखा कि रोजगार की कमी की वजह से युवाओं को दूसरे राज्यों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. उन्होंने राज्य में भारी उद्योग की कमी पर भी सवाल उठाये.

पीएम ने मतुआ समुदाय को दिया संदेश, बोले- सीएए के जरिये धार्मिक शरणार्थियों को मिलेगी नागरिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए मतुआ समुदाय को भी संदेश दिया. उन्होंने लिखा कि अगर भाजपा को राज्य के लोगों की सेवा करने का मौका मिला तो सीएए के जरिये धार्मिक शरणार्थियों को इस देश की नागरिकता मिलेगी. उन्होंने स्वामी विवेकानंद, ऋषि अरविंदो, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और कवि रबींद्रनाथ टैगोर का भी जिक्र किया. बंगाली विद्वानों का जिक्र करते हुए मोदी ने लिखा: वह पवित्र भूमि अवैध घुसपैठ और महिलाओं के खिलाफ हिंसा से कलंकित है. आज सुनहरे बंगाल में फर्जी वोटर्स का राज है. आज पूरा भारत पश्चिम बंगाल को लेकर चिंतित है, जो अराजकता के अंधेरे में डूब रहा है. उन्होंने बंगाल के लोगों से कहा कि भाजपा सत्ता में आयी तो सभी समस्याओं का समाधान करेगी. उन्होंने लिखा कि मैं आपकी सेवा करने के मौके का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूं. एक ऐसा मौका जहां, कवि के शब्दों में ‘जहां मन निडर है, जहां सिर ऊंचा है, वहां भ्रष्टाचार और कुशासन से आज़ादी मिलेगी.’प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी है. मोदी ने लिखा: पश्चिम बंगाल की मेरी माताएं और बहनें आज सुरक्षा की कमी की वजह से परेशान और डरी हुई हैं.

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