विकास कार्यों में बाधक है भूमि अधिग्रहण
संवाददाता, कोलकाता.
बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार की असहयोग नीति के कारण बंगाल में हवाई अड्डों के विकास में बाधाएं आ रही हैं. उन्होंने कई उदाहरण भी प्रस्तुत किये. शुभेंदु ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग की कमी के कारण पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े हवाई अड्डे, नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार में अड़चनें आ रही हैं. केंद्र सरकार का नागरिक उड्डयन मंत्रालय लंबे समय से इस हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके लिए केंद्र सरकार ने हवाई अड्डे के द्वितीयक रनवे (19-आर) पर स्थित मस्जिद के पुनर्वास और मजार के पास परिचालन सीमा दीवार के निर्माण में सहायता मांगी थी, लेकिन बंगाल सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया.
शुभेंदु ने यह भी दावा किया कि पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्रियों द्वारा कोलकाता के पास दूसरा हवाई अड्डा बनाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कई पत्र भेजे गये, लेकिन इस पर भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आयी. केंद्र सरकार ने बेहला हवाईअड्डे के लिए सहायता मांगी थी, जिसमें हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) की भूमि से होकर गुजरने वाली सड़क के मोड़ने का अनुरोध किया गया था. लेकिन इस पर भी राज्य सरकार ने कोई सहयोग नहीं किया.
सभी हवाई अड्डों के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण की समस्याएं हैं, लेकिन राज्य सरकार ने इन्हें सुलझाने की कोई सकारात्मक मंशा नहीं दिखायी है. राज्य सरकार को इन सभी भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि बंगाल को बेहतर हवाई संपर्क मिल सके. यह राज्य में निवेश की गंभीर स्थिति को सुधारने में मदद करेगा और औद्योगीकरण के अवसरों को बढ़ाएगा.
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