आरजी कर पीड़िता की मां के नॉमिनेशन में स्मृति ईरानी, रत्ना बोलीं- बेटी को न्याय दिलाने और TMC सरकार को उखाड़ने के लिए उतरी हूं मैदान में

RG Kar Victim Mother Nomination: आरजी कर अस्पताल की महिला डॉक्टर की मां रत्ना देबनाथ ने भाजपा के टिकट पर पानीहाटी से नामांकन दाखिल कर दिया है. स्मृति ईरानी की मौजूदगी में उन्होंने टीएमसी सरकार को उखाड़ फेंकने का लिया संकल्प.

RG Kar Victim Mother Nomination: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में बृहस्पतिवार को एक भावुक और राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ आया. कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में वर्ष 2024 में दरिंदगी की शिकार हुई महिला चिकित्सक की मां रत्ना देबनाथ ने पानीहाटी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार के रूप में अपना आधिकारिक नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उनके साथ भाजपा की फायरब्रांड नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी थीं. स्मृति ने रत्ना देबनाथ का हाथ थामकर उन्हें अपना समर्थन दिया.

आंखों में आंसू और न्याय का संकल्प

अगस्त 2024 में आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में हुई उस जघन्य घटना के लगभग डेढ़ साल बाद रत्ना देबनाथ ने गृहनगर से ही चुनावी पारी की शुरुआत की है. नामांकन के बाद उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा- मेरा चुनाव लड़ने का एकमात्र लक्ष्य अपनी बेटी को न्याय दिलाना और पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के शासन को उखाड़ फेंकना है. मैं चाहती हूं कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित हों और भविष्य में किसी भी मां को वह दिन न देखना पड़े, जो मैंने झेला है.

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स्मृति ईरानी ने रत्ना देबनाथ का बढ़ाया हौसला

नामांकन के दौरान स्मृति ईरानी की मौजूदगी ने भाजपा के इस ‘दांव’ को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है. भाजपा ने रत्ना देबनाथ को टिकट देते समय ‘अपराध की सच्चाई उजागर करने’ और ‘न्याय की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने’ का वादा किया था. पानीहाटी की सड़कों पर नामांकन रैली के दौरान भारी भीड़ उमड़ी, जो ‘न्याय’ के नारों के साथ आगे बढ़ रही थी.

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त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी पानीहाटी की सीट

रत्ना देबनाथ के चुनावी मैदान में उतरने से पानीहाटी का मुकाबला अब बंगाल की सबसे चर्चित सीटों में से एक बन गया है. यहां उनका सीधा मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीर्थंकर घोष और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के कलातन दासगुप्ता से है. इन दिग्गजों के बीच रत्ना देबनाथ की उम्मीदवारी ने चुनावी समीकरण को पूरी तरह से ‘इमोशनल’ और ‘जस्टिस’ की लड़ाई में तब्दील कर दिया है.

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आरजी कर कांड : अब भी बंगाल के घाव जैसा

26 वर्षीय जूनियर डॉक्टर की उस निर्मम हत्या की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. भाजपा ने उसी घटना को इस चुनाव में अपना सबसे बड़ा मुद्दा बनाया है. रत्ना देबनाथ का नामांकन दाखिल करना टीएमसी सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि वे सीधे तौर पर ‘महिला सुरक्षा’ और ‘भ्रष्ट तंत्र’ को निशाना बना रही हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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