मुख्य बातें
Bengal Election: कोलकाता: चुनाव आयोग बंगाल चुनावों में हिंसा रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित है. केंद्रीय बलों ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में गश्त शुरू कर दी है. आम मतदाताओं का विश्वास बहाल करने के लिए चुनाव आयोग ने एक बार फिर पूरी ताकत से मोर्चा संभाल लिया है. स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बंगाल में केंद्रीय बलों की 150 और कंपनियां भेजने का निर्णय लिया गया है. इसके परिणामस्वरूप, राज्य में तैनात बलों की कुल संख्या बढ़कर 2550 कंपनियां हो गई है.
आवश्यकता पड़ने पर और बढ़ेगी संख्या
इस बीच, आयोग के सूत्रों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ये 2550 कंपनियां अंतिम नहीं हैं. स्थिति की समीक्षा के बाद आवश्यकता पड़ने पर बलों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है. आयोग का स्पष्ट मत है कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी इस बात से सहमत हैं. अब देखना यह है कि मतदान के मद्देनजर बलों की संख्या और बढ़ाई जाती है या नहीं. हालांकि, इस बार बंगाल में मतदान के चरण कम कर दिए गए हैं. मतदान दो चरणों में हो रहा है.
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बंगाल में 23 को पहले चरण का मतदान
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, पहले राज्य में कुल 2400 कंपनी बलों को तैनात करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन चुनाव की घोषणा के बाद आयोग की पूर्ण पीठ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संख्या को और बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की. इस नए निर्णय की घोषणा बुधवार को की गई. राजनीतिक हलकों का एक वर्ग आयोग के इस कदम को अभूतपूर्व मानता है. उत्तरी बंगाल सहित पश्चिमी क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में 23 अप्रैल को मतदान हो रहा है. वहीं, दक्षिणी बंगाल के शेष हिस्सों में 29 अप्रैल को मतदान हो रहा है. परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे.
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