विकास भवन मार्च में टेट अभ्यर्थियों का हंगामा, थाली बजाकर जताया विरोध
पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति की मांग को लेकर वर्ष 2014 और 2017 के टेट उत्तीर्ण (एनआइओएस के डीइएलइडी) अभ्यर्थियों ने सोमवार को विकास भवन की ओर मार्च किया.
By BIJAY KUMAR | Updated at :
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति की मांग को लेकर वर्ष 2014 और 2017 के टेट उत्तीर्ण (एनआइओएस के डीइएलइडी) अभ्यर्थियों ने सोमवार को विकास भवन की ओर मार्च किया. करुणामयी के पास पुलिस द्वारा रैली रोके जाने पर अभ्यर्थी वहीं धरने पर बैठ गये और थाली-बर्तन बजाकर विरोध जताया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई. आंदोलन का नेतृत्व पश्चिम बंगाल एनआइओएस डीइएलइडी संग्राम मंच ने किया. पुलिस ने रैली को आगे बढ़ने से रोकते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया. अभ्यर्थियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद 1,233 टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं दी गयी है. उनका कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी, जिससे वे आंदोलन के लिए बाध्य हुए. संगठन का दावा है कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती और नियुक्ति लंबे समय से रुकी हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मामले में 1,233 अभ्यर्थियों की तत्काल नियुक्ति का आदेश दिया था, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. प्रदर्शनकारियों ने विकास भवन अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष गौतम पाल के इस्तीफे की भी मांग की. उनका कहना था कि जब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा. उधर, विकास भवन अभियान को देखते हुए विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से करुणामयी, प्राथमिक शिक्षा बोर्ड और विकास भवन के सामने भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. पूरे क्षेत्र को बैरिकेड से घेर दिया गया था. जैसे ही अभ्यर्थियों की रैली करुणामयी पहुंची, पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिससे हंगामा खड़ा हो गया. अभ्यर्थियों की मांग थी कि उन्हें विकास भवन तक जाने दिया जाये. इसी मुद्दे पर पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई. करुणामयी में धरना-प्रदर्शन के कारण इलाके में भारी ट्रैफिक जाम लग गया. काफी देर बाद स्थिति सामान्य हो सकी.