भाजपा के रास उम्मीदवार के दस्तावेजों की जांच में बरती गयी धांधली : तृणमूल

तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार राहुल सिन्हा के नामांकन पत्रों की जांच में प्रक्रियागत अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके चुनावी हलफनामे में ‘विसंगतियों’ को निर्वाचन अधिकारी ने नजरअंदाज कर दिया.

कोलकाता.

तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार राहुल सिन्हा के नामांकन पत्रों की जांच में प्रक्रियागत अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके चुनावी हलफनामे में ‘विसंगतियों’ को निर्वाचन अधिकारी ने नजरअंदाज कर दिया. शुक्रवार को लिखे गये इस पत्र की प्रतियां शनिवार को संवाददाताओं के साथ साझा की गयीं. राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी ने आरोप लगाया कि श्री सिन्हा के प्रपत्र-26 हलफनामे में ‘वित्तीय घोषणाओं, संपत्तियों, वाहनों, देनदारियों और निवेशों से संबंधित जानकारी छिपायी गयी है, इनमें विसंगतियां हैं और अपूर्ण खुलासे किये गये हैं.’

क्या है तृणमूल का आरोप : तृणमूल के वरिष्ठ नेता व मंत्री अरूप विश्वास ने शिकायत दायर करायी. उन्होंने कहा : पार्टी ने विश्वजीत (राहुल) सिन्हा के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कथित विसंगतियों की ओर ध्यान दिलाया था, लेकिन हमारी आपत्तियों को निर्वाचन अधिकारी ने नजरअंदाज कर दिया. तृणमूल ने कहा : जांच की प्रक्रिया लगभग पूरी हो जाने के बाद छह मार्च को एक संशोधित शपथपत्र पेश किया गया, जिसे न तो पहले सत्यापन के लिए उपलब्ध कराया गया था और न ही सार्वजनिक मंच पर अपलोड किया गया था. पार्टी ने आरोप लगाया कि ऐसा कदम जानकारी में पिछले दरवाजे से सुधार करने के समान है और मतदाताओं के लिए उम्मीदवारों के ब्योरे का पूर्ण व पारदर्शी खुलासा अनिवार्य करने वाले उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की भावना का उल्लंघन करता है.

तृणमूल ने पत्र में कहा : हमने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया है कि वह इन अनियमितताओं की तुरंत जांच करे, त्रुटिपूर्ण जांच प्रक्रिया को शून्य व अमान्य घोषित करे और नामांकन की वैधता पर पुनर्विचार करे. राज्य की पांच सीट के लिए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव 16 मार्च को होने हैं.

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख पांच मार्च थी, जबकि जांच छह मार्च को हुई. सत्तारूढ़ तृणमूल ने मंत्री बाबुल सुप्रियो, पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार, वकील व सामाजिक कार्यकर्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने शेष सीट के लिए प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है. बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में तृणमूल के पास राज्यसभा की पांच में से चार सीट आसानी से जीतने के लिए पर्याप्त संख्या है, जबकि भाजपा के पास एक सीट जीतने के लिए संख्या है.

राहुल सिन्हा ने आरोप को किया खारिज : राहुल सिन्हा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नामांकन दाखिल करने के दौरान जमा किये गये सभी कागजात और दस्तावेज सही हैं. राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार ने कहा : तृणमूल झूठे और निराधार बहाने बना कर मेरी उम्मीदवारी रद्द कराना चाहती थी. ये बहाने निर्वाचन अधिकारी ने खारिज कर दिये.

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Published by: Bijay kumar

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