तृणमूल सांसदों ने किया लोकसभा में प्रदर्शन
एजेंसियां, नयी दिल्ली/कोलकातातृणमूल कांग्रेस सांसदों ने राष्ट्रीय राजधानी में पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक अतिथि गृह बंग भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के खिलाफ सोमवार को लोकसभा में प्रदर्शन किया. बंग भवन में राज्य में एसआइआर से कथित रूप से प्रभावित कुछ लोग ठहरे हुए हैं. तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाये और आसन के समीप पहुंच गये. समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य भी तृणमूल सांसदों के साथ एकजुटता दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. तृणमूल कांग्रेस और सपा के सदस्य उस समय आसन के समीप पहुंच गये, जब भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव से संबंधित चर्चा में भाग ले रहे थे. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जब चर्चा में बोलने के लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम पुकारा तो हंगामा कर रहे सदस्य अपने-अपने आसन पर लौट गये.
लंबित बकाये को लेकर तृणमूल सांसदों ने किया राज्यसभा से बहिर्गमन
नयी दिल्ली/कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सोमवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद एक बार फिर पश्चिम बंगाल की लंबित केंद्रीय बकाया राशि का मुद्दा उठाने का प्रयास किया और अनुमति न मिलने पर विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया. उच्च सदन की बैठक शुरू होने के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये. इसके बाद उन्होंने शून्यकाल के तहत सदस्यों से अपने अपने मुद्दे उठाने को कहा. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने पश्चिम बंगाल की लंबित केंद्रीय बकाया राशि का मुद्दा उठाने का प्रयास किया. सभापति ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी. तृणमूल सदस्यों के हंगामे के बीच उन्होंने कहा कि कार्यवाही में केवल उन सदस्यों की ही बात जायेगी जिन्हें वह अनुमति देंगे. तृणमूल सदस्यों ने इस पर विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया. बहिर्गमन के बाद राज्यसभा में पार्टी की उपनेता सागरिका घोष ने मीडिया के समक्ष आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल का करीब दो लाख करोड़ बकाया है.उन्होंने कहा, “आज राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने बहिर्गमन किया, क्योंकि बजट में बंगाल का एक बार भी जिक्र नहीं किया गया और राज्य की विभिन्न मद की बकाया राशि उसे अब तक नहीं मिली है.’ राज्यसभा में तृणमूल की एक अन्य सदस्य ममता ठाकुर ने भी केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब तक बंगाल को उसका जायज हक नहीं मिल जाता, हम संसद के भीतर और बाहर अपनी आवाज उठाते रहेंगे.
