सरकारी के साथ निजी बसों को भी गंगासागर की ड्यूटी में लगाया गया
सैकड़ों की संख्या में बसों के गंगासागर की ड्यूटी में लगाये जाने के बाद ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भारी दबाव पड़ना शुरू हो गया है.
अगले कुछ दिनों तक शहर में बसों की कमी हो सकती हैअब तक एक हजार से अधिक बसें तीर्थयात्रियों को लेकर गयीं गंगासागर
कोलकाता. बुधवार को मकर संक्रांति है, ऐसे में देशभर से लाखों तीर्थयात्री गंगासागर मेले में स्नान के लिए सागर पहुंच रहे हैं. इस बीच तीर्थयात्रियों की तादाद को देखते हुए सरकारी बसों के साथ निजी बसों को भी गंगासागर की ड्यूटी में लगाया गया है. सैकड़ों की संख्या में बसों के गंगासागर की ड्यूटी में लगाये जाने के बाद ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भारी दबाव पड़ना शुरू हो गया है. इसका सीधा असर कोलकाता और आस-पास के इलाकों से चलने वाली बसों पर पड़ रहा है. बस संगठन सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में शहर में सरकारी और निजी बसों की कमी हो सकती है. इससे दैनिक यात्रियों को परेशानी हो सकती है.ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों का मानना है कि कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और हुगली जिलों की सड़कों पर रोजाना आने-जाने वालों की परेशानी बढ़ सकती है.
तीर्थयात्री संयुक्त समिति के एक पदाधिकारी ने बताया कि सरकारी और निजी बसों को मिलाकर एक हजार से ज्यादा बसों को अब तक बाबूघाट से रवाना किया गया है. इसके साथ ही हावड़ा स्टेशन से भी सरकारी बसों को गंगासागर के लिए रवाना किया जा रहा है. परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने माना कि सोमवार से बस सर्विस में कमी आने की संभावना है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़ी बसों और मिनी बसों का एक बड़ा हिस्सा गंगासागर मेले के लिए लगाया गया है. हालांकि श्री चक्रवर्ती ने भरोसा दिया कि हर साल गंगासागर मेले के दौरान ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, लेकिन किसी को परेशानी ना हो इसके लिए परिवहन विभाग खास इंतजाम करता है. देशभर से तीर्थयात्री गंगासागर में पुण्य स्नान करने आये हैं, तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसका ख्याल रखा जा रहा है. मेले के दौरान आम यात्रियों को भी परेशानी न हो, इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किये गये हैं.अतिरिक्त बस सेवा शुरू
राज्य सरकार गंगासागर मेले के दौरान भी परिवहन व्यवस्था सामान्य बनाये रखने के लिए विशेष कदम उठा रही है. सरकारी बसों की कमी को पूरा करने के लिए डिपो में पड़ी कई बसों को शुरुआती मरम्मत के बाद सड़क पर उतारा जा रहा है. इसके अलावा, प्राइवेट बस मालिकों से भी रिक्वेस्ट की गयी है कि वे लंबे समय से खड़ी बसों को मेला के दौरान महानगर में चलायें. आवश्यकता के अनुसार महत्वपूर्ण रूटों पर ये अतिरिक्त बसें चलेंगी.ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि बसों के फेरे बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है.
सिटी सबअर्बन बस सर्विसेज के नेता टीटू साहा ने कहा- हमें पता है कि गंगासागर मेले के दौरान कुछ दिनों के लिए बसों को शहर से बाहर ले जाकर वहां सर्विस दी जाती है. गंगासागर में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की बसों का इस्तेमाल होता है. ऐसे में शहर के रोजाना आने-जाने वालों की दिक्कतों को हल करने के लिए हमसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं किया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
