प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पंजीकरण की समय सीमा बढ़ी, बंगाल के किसानों को होगा फायदा

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2026 Last Date: पश्चिम बंगाल के किसानों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण और प्रीमियम जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है. यह निर्णय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. यह अतिरिक्त समय खरीफ मौसम में फसल बीमा कराने वाले सभी किसानों के लिए उपलब्ध होगा.

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana: पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना () के तहत पंजीकरण और प्रीमियम जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है. मंत्रालय के मुताबिक, चालू खरीफ मौसम में राज्य के सभी जिलों के फसल बीमा के लिए यह अतिरिक्त समय उपलब्ध होगा. इसका लाभ ऋण लेने वाले किसानों के साथ-साथ उन किसानों को भी मिलेगा, जिन्होंने अभी तक कोई कृषि ऋण नहीं लिया है.

किसानों को फसल बीमा कराने का मिलेगा मौका

राज्य सरकार की ओर से केंद्र को बताया गया था कि इस खरीफ मौसम में किसानों के पंजीकरण की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही है. इसके पीछे अधिसूचना जारी होने में देरी, प्रतिकूल मौसम और जमीनी स्तर पर सामने आयी विभिन्न संचालन संबंधी समस्याओं को प्रमुख कारण बताया गया. राज्य के अनुरोध के बाद केंद्र ने किसानों को योजना में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर देने का फैसला किया है.

18 फरवरी 2016 को हुई थी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत

केंद्र सरकार ने 18 फरवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी. लंबे इंतजार और कई स्तरों पर हुई कवायद के बाद पश्चिम बंगाल में भी यह योजना लागू हुई. योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कीट-पतंगों और फसल रोगों के कारण फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराना है.

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केसीसी धारकों को आवेदन करने की जरूरत नहीं

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से कृषि ऋण लेने वाले किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती. ऐसे ऋणी किसान निर्धारित प्रावधानों के तहत सीधे योजना के दायरे में आते हैं.

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खरीफ सीजन में किसान करा सकेंगे फसल बीमा

गैर-ऋणी किसानों को योजना में शामिल होने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण कराना होता है. समय सीमा बढ़ाये जाने से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो विभिन्न कारणों से अब तक योजना में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके हैं. राज्य सरकार को उम्मीद है कि अतिरिक्त समय मिलने से खरीफ मौसम में फसल बीमा योजना के तहत किसानों का कवरेज बढ़ेगा और अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक आपदा से होने वाले संभावित नुकसान के खिलाफ आर्थिक सुरक्षा हासिल कर सकेंगे.

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By मिथिलेश झा

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