खास बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने रविवार को ममता बनर्जी सरकार पर बड़ा बयान दे दिया है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के साथ पत्रकारों को संबोधित करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने कहा- पश्चिम बंगे कोनो सरकार नेई, तृणमूल चोले गेछे, तृणमूल चोले जाबे. तृणमूलेर बिदाई निश्चित.
बंगाल को अलग देश की तरह देखते हैं यहां सरकार चलाने वाले – शमिक
शमिक भट्टाचार्य के बयान का अर्थ है- पश्चिम बंगाल में कोई सरकार नहीं है. तृणमूल कांग्रेस जा चुकी है. तृणमूल कांग्रेस चली जायेगी. तृणमूल कांग्रेस की विदाई तय है. उन्होंने कहा कि अभी बंगाल में जो लोग सरकार चला रहे हैं, वे पश्चिम बंगाल को अलग देश की तरह देखते हैं.
बंगाली-गैरबंगाली के बीच भेदभाव किसी के हित में नहीं – शमिक भट्टाचार्य
हिंदीभाषी एक भाजपा कार्यकर्ता को बीजेपी का पोस्टर लगाने पर गिरफ्तार किये जाने से संबंधित एक पत्रकार के सवाल पर शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार में बैठे लोग यह मानते हैं कि बंगाल अलग राष्ट्र है. उन्होंने कहा कि अगर लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में बांग्लाभाषी और गैर-बांग्लाभाषी लोगों के बीच भेदभाव का यह रवैया रहा, तो राज्य और लोगों को इसका खामियाजा भुगतना होगा.
बंगाल के लाखों प्रवासी श्रमिक हिंदीभाषी राज्यों में करते हैं काम – भाजपा अध्यक्ष
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि सिर्फ नदिया जिले के कई लाख प्रवासी श्रमिक आज हिंदीभाषी अन्य राज्यों में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, यहां तक कि जिस राज्य को कभी बीमारू राज्य कहा जाता था, उस बिहार में भी कई प्रोजेक्ट में बड़ी संख्या में यहां के लोग काम करने के लिए जाते हैं.
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महिला ने कहा- घर चलाने के लिए महीने में 15000 रुपए चाहिए
बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने यहां एक महिला हैंडलूम वीवर (तांत के कपड़े बनाने वाली महिला) से पूछा कि घर चलाने के लिए कितने रुपए चाहिए. उस बुजुर्ग महिला ने जवाब दिया- हर दिन कम से कम 500 रुपए. शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि परिवार चलाने के लिए महीने में 15,000 रुपए चाहिए.
1500 रुपए से महिलाओं का कुछ नहीं होता, 3000 रुपए देने होंगे – शमिक
पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा. कहा कि उस बुजुर्ग महिला के बयान के बाद मुख्यमंत्री को समझ लेना चाहिए कि 1,500 रुपए से महिलाओं का कुछ नहीं होता. उन्हें कम से कम 3,000 रुपए हर महीने देने होंगे.
ममता के 5000 रुपए देने के आश्वासन के बाद भी पलायन कर रहे श्रमिक
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि भारत के अलग-अलग हिस्से में राजमिस्त्री की न्यूनतम मजदूरी यानी मिनिमम वेज 950 रुपए है. भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी को समझना होगा कि उनके यह कहने के बावजूद कि वह लोगों को 5,000 रुपए देंगी, नदिया के लोगों को ट्रेनों में भर-भरकर अन्य राज्यों में काम करने क्यों जाना पड़ रहा है.
विकसित बंगाल संकल्प पत्र अभियान पर शमिक भट्टाचार्य ने क्या कहा?
भाजपा के विकसित बंगाल संकल्प पत्र अभियान से जुड़े एक सवाल के जवाब में शमिक भट्टाचार्य ने कहा- हमारा उद्देश्य सर्वव्यापी, सर्वसमावेशी और सर्वस्पर्शी सरकार तैयार करना है. इसलिए हमने 18 फरवरी तक सभी वर्गों के लोगों से सलाह मांगी है. वे बतायें कि राज्य में कैसी सरकार चाहते हैं. आने वाली सरकार से उनकी क्या अपेक्षाएं हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
शमिक भट्टाचार्य नदिया जिले में आयोजित केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक कार्यक्रम में उनके साथ शामिल हुए. इसके बाद वहां आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिये. संवाददाता सम्मेलन में गिरिराज सिंह भी मौजूद थे.
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