‘रजिया गुंडों में फंस गयी...’, कोलकाता में ममता बनर्जी पर बरसे ओवैसी, बोले- TMC ने मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक समझा

AIMIM AJUP Alliance: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर मुस्लिमों की अनदेखी के आरोप लगाये. AIMIM ने AJUP के साथ गठबंधन कर 182 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया. ओवैसी ने आज क्या-क्या कहा, यहां पढ़ें.

AIMIM AJUP Alliance: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कोलकाता में सियासी धमाका कर दिया. हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के साथ गठबंधन का औपचारिक ऐलान करते हुए ओवैसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला. उन्होंने उर्दू की मशहूर कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल के मुसलमान आज टीएमसी और भाजपा के बीच वैसे ही फंसे हैं, जैसे ‘रजिया गुंडों में फंस गयी थी’.

ईद की नमाज से पेट नहीं भरता

MIM चीफ ओवैसी ने ममता बनर्जी सरकार के ‘अल्पसंख्यक प्रेम’ को महज दिखावा करार दिया. उन्होंने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कई सवाल दागे. ओवैसी ने कहा कि नौकरी में मुस्लिमों से भेदभाव होता है. बंगाल में 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, लेकिन सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व सिर्फ 7 फीसदी क्यों?

मुस्लिमों की शिक्षा का बुरा हाल

मुस्लिमों की शिक्षा पर भी ओवैसी ने ममता बनर्जी की सरकार से सवाल पूछे. उन्होंने पूछा कि राज्य में कितने मुस्लिम बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं और कितनों को उच्च शिक्षा मिल पा रही है? इतना ही नहीं, ओवैसी ने मुसलमानों के पेट और भविष्य के बारे में भी सवाल खड़े किये. पूछा कि ईद के दिन नमाज अदा करने से क्या मेरा पेट भरता है? क्या इससे मेरे बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर.

ममता की राजनीति ने भाजपा को दिया खाद-पानी

असदुद्दीन ओवैसी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘बी-टीम’ बनकर उसकी मदद कर रहे हैं. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा- वर्ष 2016 में भाजपा के 3 विधायक थे, आज 77 हैं. क्या मैंने उन्हें जिताया? 2000 के दशक में जब गुजरात जल रहा था, तब ममता बनर्जी किसके साथ बैठी थीं? उन्होंने खुद संसद में घुसपैठ का मुद्दा उठाकर फाइल फेंकी थी. भाजपा को फलने-फूलने का मौका ममता की राजनीति ने दिया है.

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AIMIM AJUP Alliance: 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा भाईजान और हुमायूं का गठबंधन

ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता हुमायूं कबीर ने साफ किया कि उनका गठबंधन पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 में से 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा. कबीर का दावा है कि अगर किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला, तो उनका गठबंधन सरकार बनाने में निर्णायक होगा.

ओवैसी ने उठाया जहरीले पानी का मुद्दा

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मालदा और मुर्शिदाबाद में पानी में ‘आर्सेनिक’ की समस्या का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि टीएमसी को इन जिलों में मुसलमानों का वोट तो मिला, लेकिन वहां की जनता को जहरीला पानी पीने के लिए छोड़ दिया गया.

शुभेंदु अधिकारी मुझे मोटरसाइकिल पर नंदीग्राम ले गये थे

अतीत के पन्नों को पलटते हुए ओवैसी ने याद दिलाया कि वर्ष 2007 में नंदीग्राम आंदोलन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ही उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठाकर वहां ले गये थे. उन्होंने पूछा कि अगर वह (ओवैसी) तब अच्छे थे, तो आज भाजपा का विरोध करने पर ‘बुरे’ कैसे हो गये?

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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