हावड़ा के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब गैस के चूल्हों पर बनेगा खाना

बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हावड़ा जिला प्रशासन का बड़ा फैसला आया है. अब जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में लकड़ी के चूल्हों पर खाना नहीं बनेगा.

हावड़ा जिले में कुल 4506 आंगनबाड़ी केंद्र हैं

संवाददाता, हावड़ा.

बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए हावड़ा जिला प्रशासन का बड़ा फैसला आया है. अब जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में लकड़ी के चूल्हों पर खाना नहीं बनेगा. इससे बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में खाना बनानेवाली महिलाओं को चूल्हे के धुएं से भी मुक्ति मिलेगी. क्योंकि हावड़ा जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया है कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में एलपीजी गैस पर खाना बनाया जायेगा. प्रशासन का दावा है कि जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में यह व्यवस्था पहले ही कर दी गयी है. हालांकि, आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ताओं ने बताया कि जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण वे अभी गैस पर खाना नहीं बना रही हैं. उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के बाहर खुले में लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ता है. हालांकि, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए कदम उठाये जा रहे हैं. एक अधिकारी ने बताया कि गैस पर खाना पकाने के लिए किचन में आधारभूत व्यवस्था की जा रही है. साथ ही अग्निशमन विभाग से अनुमति लेना पड़ेगा.

मिली जानकारी के अनुसार हावड़ा जिले में कुल 4506 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. इन सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में गैस से खाना पकाने की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की गयी है. कई आंगनवाड़ी केंद्रों में गैस सिलिंडर और ओवन पहले ही पहुंच चुके हैं. उलबेड़िया पालिका के वार्ड नंबर 27 में बाजारपाड़ा आंगनवाड़ी केंद्र में भी ये सिलिंडर और ओवन पहुंच चुके हैं. हावड़ा के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (विकास) सुदीप घोष ने कहा कि इस मामले में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है.

उसी के अनुसार सब कुछ व्यवस्थित किया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अग्निशमन विभाग से अनुमति मिलते ही गैस चूल्हे पर खाना बनाना जोरों पर शुरू कर दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >