सिर्फ इस्तीफा नहीं, खेल मंत्री को अरेस्ट किया जाये : शुभेंदु अधिकारी

जांच समिति को बताया ‘नाटक’

जांच समिति को बताया ‘नाटक’

कोलकाता.विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि खेल मंत्री अरूप विश्वास का केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए. सॉल्टलेक स्थित युवा भारती (साल्टलेक) स्टेडियम में लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था के बाद से ही खेल मंत्री विपक्ष के निशाने पर हैं. सोमवार रात अरूप विश्वास द्वारा इस्तीफे की इच्छा जताये जाने के बाद भाजपा ने दबाव और बढ़ा दिया है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि शनिवार को युवा भारती स्टेडियम में जो कुछ हुआ, उसकी कीमत चुकानी होगी. मेसी का कोलकाता कार्यक्रम जिस तरह विफल हुआ, उससे आम लोगों को भारी नुकसान हुआ है.

दर्शकों को मानसिक आघात पहुंचा, छोटे बच्चे डर गये, लोगों के वर्षों के सपने टूट गये और हजारों रुपये टिकट पर खर्च करने के बावजूद वे अपने पसंदीदा खिलाड़ी को नहीं देख सके. उन्होंने कहा कि इस घटना से बंगाल की छवि भी धूमिल हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि केवल इस्तीफा देकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता. पूरे मामले में जिम्मेदारी तय कर दोषियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए. शुभेंदु अधिकारी ने इस प्रकरण में सुजीत बसु की गिरफ्तारी की मांग भी की. साथ ही उन्होंने कहा कि इस घटना में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें जल्द रिहा किया जाये और दर्शकों को टिकट की पूरी राशि लौटायी जाये.

घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिये माफी मांगते हुए सेवानिवृत्त न्यायाधीश असीम कुमार राय की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया. समिति में मुख्य सचिव मनोज पंत और गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को शामिल किया गया है. जांच समिति ने राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और विधाननगर पुलिस कमिश्नर मुकेश कुमार को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया. इसके कुछ ही समय बाद अरूप विश्वास ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस्तीफे की इच्छा जतायी. भाजपा ने पूरे घटनाक्रम को सरकार के खिलाफ जनाक्रोश का नतीजा बताया है. हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री द्वारा गठित जांच समिति को भी ‘नाटक’ करार दिया. उनका आरोप है कि समिति में ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो स्वयं इस मामले की जांच के दायरे में आ सकते हैं, यहां तक कि मुख्य सचिव भी. ऐसे में यह जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती और सरकार पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.

मसौदा मतदाता सूची के बाद वोट अंतर समाप्त होने का दावा

इधर, मंगलवार को चुनाव आयोग द्वारा मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित कियचे जाने के बाद विपक्ष के नेता ने चुनावी आंकड़ों को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि मसौदा सूची में लगभग 58.20 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं और इसके बाद तृणमूल कांग्रेस व भाजपा के बीच वोट का अंतर समाप्त हो गया है. शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को दो करोड़ 89 लाख 68 हजार 281 वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 2 करोड़ 29 लाख 05 हजार 474 वोट प्राप्त हुए थे. दोनों दलों के बीच अंतर 60 लाख 62 हजार 807 वोटों का था. वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को लगभग दो करोड़ 75 लाख वोट मिले, जबकि भाजपा को दो करोड़ 33 लाख 27 हजार वोट मिले थे. उन्होंने कहा कि मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर समाप्त हो गया है.

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Published by: Sandip tiwari

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