पाकिस्तान के साथ अगली बातचीत पीओके को वापस लेने पर होनी चाहिए : अभिषेक

जद (यू) के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल बनर्जी ने कहा : 22 अप्रैल को जो कुछ हुआ, जिसमें 26 लोगों की सिर्फ उनके धर्म के आधार पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी.

एजेंसियां, कोलकाता/क्वालालंपुर

मलेशिया की यात्रा पर गये सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद व तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ अगली बातचीत केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को वापस लेने पर होनी चाहिए. क्वालालंपुर में भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत में बनर्जी ने कहा : विभिन्न सरकारों के बदलने के बावजूद हम दशकों से उनके (पाकिस्तान के) साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन एक चीज बरकरार है- पाकिस्तान के साथ गतिरोध. जद (यू) के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल बनर्जी ने कहा : 22 अप्रैल को जो कुछ हुआ, जिसमें 26 लोगों की सिर्फ उनके धर्म के आधार पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी. मैं चाहता हूं कि सरकार पाकिस्तान के साथ सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को वापस लेने के मुद्दे पर बातचीत करे. अन्यथा, ये आतंकवादी हमले जारी रहेंगे. 22 अप्रैल के हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के न्याय करने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए दो सप्ताह तक इंतजार किया. लेकिन कुछ नहीं हुआ. 14 दिन बाद, भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिये सीमा पार नौ आतंकी ठिकाने नष्ट कर दिये. बनर्जी ने पूछा : हम सभी सबूतों को सार्वजनिक रूप से पेश कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर तस्वीरें हैं कि पाकिस्तानी सेना के उच्चपदस्थ अधिकारी आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में शामिल होते देखे गये. भारत दुनिया को इससे ज्यादा क्या सबूत दे सकता है? उन्होंने प्रवासी समुदाय के सदस्यों से अनुरोध किया कि जब वे भारत आयें, तो कश्मीर में तीन-चार दिन बितायें. भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत केवल आतंकवाद और पीओके पर ही होगी. प्रवासी समुदाय के साथ बातचीत के दौरान, झा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख से अवगत कराया. सदस्यों ने प्रतिभागियों को दशकों से भारत को प्रभावित करने वाले सीमा पार आतंकवाद, विशेष रूप से पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के बारे में जानकारी दी. क्वालालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया : प्रवासी समुदाय के सदस्यों को भारत के संदेश को विभिन्न समुदायों और मंचों पर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. इस संवाद में भारतीय प्रवासी सदस्यों के विचार भी सुने गये, जिनमें मलेशियाई भारतीय मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल थे, जिन्होंने सीमा पार आतंकवादी हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा की. श्री बनर्जी सहित सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने क्वालालंपुर के ब्रिकफील्ड्स में नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय सांस्कृतिक केंद्र (एनएससीबीआइसीसी) में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन नेशनल आर्मी के पूर्व एसपी और बालक सेना के पूर्व सदस्य एसपी नारायणसामी से भी बातचीत की.

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