बंगाल को पाक में शामिल करना चाहती थी मुस्लिम लीग, श्यामा प्रसाद ने रोका : शुभेंदु

प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को राज्यभर में ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मनाया, जिसके तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम. भाजपा ने मनाया पश्चिम बंगाल दिवस, शुभेंदु-सुकांत ने श्यामा प्रसाद की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

संवाददाता, कोलकाताप्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को राज्यभर में ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मनाया, जिसके तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भवानीपुर में, जबकि विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रेड रोड पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. शुभेंदु विधानसभा से भाजपा विधायकों के साथ जुलूस लेकर रेड रोड पहुंचे. उन्होंने कहा कि 1947 में मुस्लिम लीग पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करना चाहती थी, लेकिन डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसे रोका. अपनी दूरदर्शिता से उन्होंने समझा कि पाकिस्तान हिंदुओं के लिए नरक बन जायेगा. इसलिए उन्होंने बंगाल के विभाजन और हिंदू बहुल क्षेत्रों को मिलाकर पश्चिम बंगाल बनाने की मांग की, जो हिंदू बहुल भारत का हिस्सा होगा. उनकी पहल पर ही 20 जून 1947 को बंगाली विधानसभा ने बंगाल के विभाजन का प्रस्ताव पारित कर इसे भारत का एक राज्य घोषित किया, जिससे बंगाली हिंदुओं की एकमात्र मातृभूमि पश्चिम बंगाल का निर्माण हुआ. अधिकारी ने इस दिन के महत्व पर जोर दिया. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भवानीपुर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का अर्थ है वैभव, संस्कृति और बलिदान. यह भूमि केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि सहस्राब्दियों पुरानी परंपरा है, जहां ज्ञान की पवित्र धारा और राष्ट्रीय पहचान के लिए संघर्ष का इतिहास बलिदान से भरा है. उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को ‘महापुरुष’ और ‘भारत केशरी’ बताते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता, साहस और आत्मविश्वास ने पश्चिम बंगाल को एक स्वतंत्र क्षेत्र और हिंदू मातृभूमि के रूप में जन्म दिया. मजूमदार ने कहा कि विभाजन के दौरान जब पूरा पूर्वी बंगाल हिंदुओं के लिए मौत की घाटी बन रहा था, तब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल को पूरी तरह से पूर्वी पाकिस्तान में शामिल करने की साजिश का विरोध किया और कहा कि बंगाली हिंदुओं को इस देश में सम्मान से रहने की जगह मिलनी चाहिए. हालांकि, सुकांत मजूमदार की बाइक रैली के दौरान पुलिस से झड़प हो गयी, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया. पुलिस ने बार-बार रैली को रोका, जिससे भवानीपुर में पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गयी. पुलिस की भारी तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रित हुई और मजूमदार ने अंततः माल्यार्पण किया. इस घटना के बाद मजूमदार ने पुलिस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे भारत का तिरंगा लेकर निकले थे, लेकिन पुलिस ने बाधा डाली. उन्होंने कहा : लगता है यह पश्चिम बंगाल की नहीं, बांग्लादेश की पुलिस है. मेरी माटी, मेरी मां को कोई बांग्लादेश नहीं बना सकता.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akhilesh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >