बांग्लार बाड़ी : नयी रणनीति से रुकेगा फंड का दुरुपयोग

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बांग्लार बाड़ी’ आवास योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन ने नयी रणनीति तैयार की है. राज्य सरकार का उद्देश्य है कि योजना के तहत आवंटित की जाने वाली राशि का उपयोग केवल घर निर्माण के लिए ही हो और किसी भी तरह का दुरुपयोग न हो.

कोलकाता.

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बांग्लार बाड़ी’ आवास योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन ने नयी रणनीति तैयार की है. राज्य सरकार का उद्देश्य है कि योजना के तहत आवंटित की जाने वाली राशि का उपयोग केवल घर निर्माण के लिए ही हो और किसी भी तरह का दुरुपयोग न हो. फंड के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिये हैं. प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह योजना जिन गरीब परिवारों के लिए बनायी गयी है, उसका लाभ उन्हीं तक सीमित रहे और घर बनाने के लिए दी गयी राशि किसी अन्य कार्य में खर्च न की जाये. प्रशासन के अनुसार, पहले कई मामलों में यह सामने आया है कि लाभार्थियों ने घर निर्माण के लिए मिली राशि का उपयोग दूसरी जरूरतों में कर लिया. कहीं बेटियों की शादी में पैसा खर्च किया गया, तो कहीं मोटरसाइकिल खरीदी गयी. कुछ मामलों में पुराने कर्ज चुकाने या अन्य निजी खर्चों में भी योजना की रकम का इस्तेमाल किया गया. इन्हीं कारणों से अब निगरानी के साथ-साथ सख्ती भी बढ़ा दी गयी है.

आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार बांग्लार बाड़ी योजना के तहत घर निर्माण का कार्य समय पर पूरा करना चाहती है. इस संबंध में बार-बार नोटिस देने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर प्रशासन ने इस बार नयी रणनीति अपनाने का निर्णय लिया है.

नयी व्यवस्था के तहत निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किये गये हैं. स्थानीय बीडीओ कार्यालय के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में योजना के तहत बन रहे सभी घरों का निरीक्षण करेंगे. साथ ही लाभार्थियों को निर्देश दिया गया है कि फंड मिलने के 20 दिनों के भीतर घर निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य होगा.

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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