मतुआ समुदाय को नागरिकता के लिए मिल रहे प्रमाणपत्र के संदेश

नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले मतुआ समुदाय के लोगों के मोबाइल पर अब प्रमाणपत्र से संबंधित संदेश आने लगे हैं.

बनगांव. नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले मतुआ समुदाय के लोगों के मोबाइल पर अब प्रमाणपत्र से संबंधित संदेश आने लगे हैं. एसआइआर प्रक्रिया के बीच सबसे अधिक आशंकित मतुआ समुदाय में इन संदेशों के आने से राहत और खुशी का माहौल है. मतुआ महासंघ के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने पहले ही लोगों को भरोसा दिलाया था कि नागरिकता के लिए आवेदन करने के बाद मिले डॉकेट नंबर के आधार पर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है. बड़ी संख्या में लोग ठाकुरनगर पहुंचकर नागरिकता के लिए आवेदन करने आये थे. जानकारी के अनुसार, उत्तर 24 परगना जिले के विभिन्न इलाकों में हजारों लोगों को रविवार रात उनके मोबाइल फोन पर प्रमाणपत्र से जुड़े संदेश प्राप्त हुए हैं. इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे. प्रमाणपत्र के संदेश मिलने के बाद अब उनमें किसी प्रकार का डर नहीं है. मतुआ महासंघ के पूर्व जनरल सेक्रेटरी महितोष वैद्य ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों में से कई लोगों को रविवार रात संदेश मिले हैं. उन्होंने बताया कि अधिकारियों द्वारा अब तक करीब 3,500 फाइलें जारी की गयी हैं. हालांकि, अभी भी आवेदन करने वालों में से लगभग 10 प्रतिशत लोगों को प्रमाणपत्र का संदेश नहीं मिला है. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि जिन लोगों को अब तक प्रमाणपत्र नहीं मिले हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया शी��्र पूरी की जाये, ताकि समुदाय में व्याप्त असमंजस और चिंता पूरी तरह समाप्त हो सके.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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