मालदा बम विस्फोट मामला : दो आरोपी हुए बरी

मालदा के मानिकचक थाना अंतर्गत मथुरापुर इलाके में पांच साल पहले हुए बम विस्फोट मामले में अदालत ने दो आरोपितों को बेकसूर करार दिया.

कोलकाता. मालदा के मानिकचक थाना अंतर्गत मथुरापुर इलाके में पांच साल पहले हुए बम विस्फोट मामले में अदालत ने दो आरोपितों को बेकसूर करार दिया. कोलकाता नगर दायरा अदालत के न्यायाधीश शुभेंदु साहा ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सकी. यह मामला पांच जनवरी 2020 की रात का है, जब मथुरापुर के काकरीबाधा सिंपाड़ा स्थित एक आमबागान में बम विस्फोट हुआ था. इस घटना में दो लोग घायल हुए थे और मौके से छह देशी बम बरामद किये गये थे. प्रारंभिक जांच सीआइडी ने की थी. इसके बाद दो घायलों सीतू मंडल और कृष्ण चौधरी को गिरफ्तार किया गया, लेकिन पूछताछ से कोई ठोस परिणाम नहीं निकला. फिर जांच की जिम्मेदारी एनआइए को सौंपी गयी. एनआइए ने सिद्धार्थ मंडल और प्रभाकर मंडल को गिरफ्तार किया था. दोनों मालदा के भूतनीचर की हीरानंदपुर ग्राम पंचायत के हरदमपुर गांव के निवासी हैं.

एजेंसी का आरोप था कि इनका आतंकी संगठन से कड़ा संबंध हो सकता है. मामले में कुल 35 गवाहों ने बयान दिया, लेकिन अदालत ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं. न तो किसी गवाह ने आरोपियों की सीधे पहचान की और न ही बरामदगी से आरोप साबित हो सके. नतीजतन, अदालत ने सिद्धार्थ मंडल और प्रभाकर मंडल को बेकसूर करार दिया. इस फैसले के बाद एनआइए की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पांच साल की लंबी जांच के बावजूद एजेंसी अदालत में ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUBODH KUMAR SINGH

SUBODH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >