कोलकाता : कालीघाट-दक्षिणेश्वर के बीच चलेगी AC ट्राम, राइट्स को मिला सर्वे का काम

Kolkata Tram: बंगाल की नयी सरकार ने 150 साल पुरानी विरासत ट्राम को ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है. विरासत को बचाने के लिए कोलकाता में एसी ट्राम सेवा शुरू होगी. न्यू टाउन और दक्षिणेश्वर-कालीघाट के बीच नये रूट बनाये जा रहे हैं.

कोलकाता से श्रीकांत शर्मा और भारती जयनानी की रिपोर्ट

Kolkata Tram: पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक धरोहर और पहचान का प्रतीक ट्राम अब नये व आधुनिक रूप में राज्य की सड़कों पर दौड़ती नजर आयेगी. इस अनूठी विरासत को सहेजने और पुनर्जीवित करने के लिए महानगर कोलकाता में जल्द ही वातानुकूलित (एसी) ट्राम सेवा शुरू की जायेगी. इसके साथ ही शहर में ट्रामवे के नये रूट विकसित करने की भी योजना है. बुधवार को मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआइ) द्वारा आयोजित एक विशेष सम्मेलन में राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने यह महत्वपूर्ण जानकारी दी.

विदेशी मॉडल पर राइट्स कर रहा सर्वे

‘पश्चिम बंगाल में नये ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम के लिए विजन’ विषयक सत्र को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि बंगाल की पारंपरिक ट्राम सेवा पर्यटकों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही है. इस धरोहर को दीर्घकालिक रूप से बचाये रखने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस नये एसी ट्राम चलाये जायेंगे. उन्होंने बताया कि ट्राम सेवा का विस्तार करने के लिए सरकार ने परामर्शदाता कंपनी राइट्स को विस्तृत सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है. इस योजना के तहत महानगर में नयी लाइनें बिछायी जायेंगी, जिसमें न्यू टाउन इलाके में ट्रामवे रूट शुरू करने और दक्षिणेश्वर को सीधे कालीघाट से जोड़ने वाला एक नया कॉरिडोर बनाना शामिल है.

बस बेड़े का होगा आधुनिकीकरण

परिवहन मंत्री ने राज्य की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी बसों के मौजूदा बेड़े (फ्लीट) का भी आधुनिकीकरण किया जा रहा है. इसमें जल्द ही बड़ी संख्या में नयी एसी बसें शामिल की जायेंगी, जो इलेक्ट्रिक और सीएनजी दोनों ईंधनों से संचालित होंगी. इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए राज्यभर में एक व्यापक व एकीकृत (होलिस्टिक) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जायेगा. उन्होंने आगे कहा कि सरकार राज्य में इनलैंड वॉटरवेज (अंतर्देशीय जलमार्ग) ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम को मजबूत करने और गंगा नदी के किनारे एक आधुनिक पोर्ट (बंदरगाह) विकसित करने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है.

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फाइलों को क्लीयर करेगी पॉलिटिकल क्लास

पूर्ववर्ती शासन पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योग और व्यापार के अनुकूल माहौल बनाने की सख्त जरूरत है, जो पिछले कई सालों में राजनीतिक उदासीनता के कारण नहीं बन पाया था, लेकिन अब नयी सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है. उन्होंने निवेशकों और व्यापारिक समुदाय को आश्वस्त किया कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन सुविधाओं को बेहतर कर व्यापारिक संभावनाओं को गति दी जायेगी. सरकार कोई भी फाइल नौकरशाही (ब्यूरोक्रेसी) में अटकने नहीं देगी और पॉलिटिकल क्लास खुद तेजी से फैसले लेगी. उन्होंने घोषणा की कि सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए पूर्ववर्ती सम्मेलनों से इतर एक वास्तविक और परिणामोन्मुखी बिजनेस समिट आयोजित करना चाहती है और राज्य सरकार यहां हर व्यवसाय को पूरी सुरक्षा प्रदान करेगी.

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परिवहन अर्थव्यवस्था की नींव

इससे पहले, एमसीसीआइ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मुनीश झाझरिया ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि जैसे-जैसे उद्योग बढ़ रहे हैं, ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गयी है. आधुनिक सड़कें, बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब, पोर्ट, एयरपोर्ट, रेल कनेक्टिविटी और इनलैंड वॉटरवेज मिलकर ही एक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बनाते हैं. इस परिचर्चा सत्र में काउंसिल ऑन लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, शिपिंग (एमसीसीआइ) के चेयरमैन लवेश पोद्दार तथा कलकत्ता गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट श्याम सुंदर अग्रवाल ने भी अपने विचार साझा किये.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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