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Kolkata News: कोलकाता. कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के सीवरेज व ड्रेनेज विभाग के मेयर परिषद सदस्य तारक सिंह ने निगम बोर्ड को तत्काल भंग करने की मांग कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. लंबे समय से पार्षद रहे तारक सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव बाद हुई हिंसा में उनके कार्यालय सह उनके बेटे और बेटी के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गयी थी. बता दे कि तारक सिंह की बेटी कृष्णा सिंह 116 नंबर वार्ड से पार्षद हैं, जबकि बेटा अमित सिंहग 117 और खुद तारक सिंह 118 नंबर वार्ड से तृणमूल के पार्षद हैं.
पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा का आरोप
तारक सिंह ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि चुनाव बाद हिंसा मामले में पार्टी के किसी शीर्ष नेतृत्व ने सहानुभूति के लिए भी उनके संपर्क नहीं किया था. साथ खड़ा होने की बात तो दूर है. गुरुवार को उन्होंने गहरे आक्रोश और पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में यदि पार्टी नेतृत्व किसी बैठक के लिए बुलाता है तो वह उसमें शामिल नहीं होंगे. उनका आरोप है कि जब पार्टी कार्यकर्ता मार खा रहे थे, तब नेतृत्व की ओर से कोई विरोध या समर्थन देखने को नहीं मिला.
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पार्टी बैठकों से खुद को अलग किया
बिना नाम लिए उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि जरूरत के समय शीर्ष नेतृत्व साथ नहीं खड़ा होता, तो फिर उनके बुलाये गये बैठकों में जाने का कोई औचित्य नहीं है. तारक सिंह ने यह भी दावा किया कि चुनावी हार के बाद नगर निगम में कोई भी मेयर परिषद सदस्य नियमित रूप से दफ्तर नहीं आ रहे हैं. वह अकेले ही प्रतिदिन निगम कार्यालय आ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में ठेकेदारों का बकाया भुगतान नहीं हो पाने से विकास कार्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि जब काम ही नहीं हो पा रहा, तब बोर्ड को बनाये रखने का क्या मतलब है.
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