Kolkata Metro : आखिर क्यों मेट्रो में लोकप्रिय हो रही क्यूआर टिकटिंग प्रणाली, जानें यहां

Kolkata Metro : ब्लू और ऑरेंज लाइन के विभिन्न स्टेशनों के एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट को इस नयी टिकटिंग प्रणाली से अपग्रेड किया गया है.

Kolkata Metro : मेट्रो यात्रियों में मोबाइल आधारित एकीकृत क्यूआर कोड टिकटिंग प्रणाली लोकप्रिय हो रही है. कोलकाता के विभिन्न कॉरिडोर में लगभग 3.21 लाख यात्रियों ने मेट्रो में टिकट खरीदने के लिए ऑनलाइन प्रणाली का इस्तेमाल किया. इसकी मदद से यात्री लंबी कतारों से बच सकते हैं. इस वर्ष अप्रैल में 6,616 यात्रियों ने, जबकि सितंबर में 59,362 यात्रियों ने इसका उपयोग किया.

2,20,201 यात्रियों ने मोबाइल क्यूआर आधारित प्रणाली से टिकट खरीदा

26 अक्तूबर तक 2,20,201 यात्रियों ने मोबाइल क्यूआर आधारित प्रणाली से टिकट खरीदा. उपलब्ध आंकड़ों से पता चला है कि यह टिकटिंग प्रणाली धीरे-धीरे मेट्रो यात्रियों के बीच लोकप्रिय हो रही है. ब्लू और ऑरेंज लाइन के विभिन्न स्टेशनों के एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट को इस नयी टिकटिंग प्रणाली से अपग्रेड किया गया है. यह सिस्टम पेपर की बर्बादी की रोकता है, जो पर्यावरण के अनुकूल है. सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआरआइएस) ने इसे विकसित किया है.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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