खास बातें
Kolkata Jain community Silent Rally: मध्यप्रदेश के रीवा में 2 जैन आर्यिकाओं की सड़क हादसे में हुई मौत की चिंगारी पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता तक पहुंच गयी है. इस घटना से आक्रोशित कोलकाता के जैन समाज ने अब न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने का फैसला किया है. जैन समुदाय का मानना है कि संतों के साथ होने वाले इन हादसों को सिर्फ दुर्घटना कहकर खारिज नहीं किया जा सकता.
मौन क्रांति : बड़ा मंदिरजी से मेट्रो चैनल तक न्याय यात्रा
गुरुवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में समुदाय के दिग्गजों ने देश भर के जैन संतों और तपस्वियों के लिए ‘नेशनल संत सुरक्षा प्रोटोकॉल’ बनाने की मांग की है. जैन संतों और साध्वियों के साथ बार-बार हो रही घटनाओं के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए शनिवार (30 मई 2026) को कोलकाता में एक विशाल साइलेंट रैली (मौन जुलूस) निकाली जायेगी.
साइलेंट रैली का रूट और समय
रैली सुबह 7:30 बजे श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिरजी (1 बैसाख लेन) से शुरू होगी. यह कलाकार स्ट्रीट, महात्मा गांधी रोड, ब्रेबोर्न रोड, टी बोर्ड और बेंटिक स्ट्रीट जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए धर्मतला के मेट्रो चैनल पर समाप्त होगी. रैली के समापन के बाद जैन समाज का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल के राज्यपाल से मुलाकात करेगा और उन्हें केंद्र व राज्य सरकारों के नाम एक मांग पत्र (रिप्रेजेंटेशन) सौंपेगा. अभियान में विनोद कुमार काला, जितेंद्र काला, कमल नयन जैन, अजित सेठी सहित समाज के कई गणमान्य लोग नेतृत्व कर रहे हैं.
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रीवा घटना : हादसा या बड़ी साजिश?
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने रीवा की घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाये हैं. उनका कहना है कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो और आसपास के हालात ने पूरे देश के जैन समाज में डर पैदा कर दिया है. संगठन ने इस मामले की हाई-लेवल और पारदर्शी जांच की मांग की है, ताकि यह साफ हो सके कि इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं थी. समुदाय ने मांग की है कि रीवा घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूतों को तुरंत सुरक्षित किया जाये और दोषियों को फांसी जैसी कड़ी सजा दी जाये.
नंगे पैर, बिना सुरक्षा : असुरक्षित क्यों हैं शांति के दूत?
जैन संत और साध्वी किसी वाहन या निजी सुरक्षा का उपयोग नहीं करते. वे सादगी, अहिंसा और आध्यात्मिक उत्थान के लिए नंगे पैर विहार करते हैं. जैन समाज ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि पैदल यात्रा करने वाले साधुओं के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जाये. हाई-वे पर चेतावनी बोर्ड (Signage), पुलिस को-ऑर्डिनेशन, ट्रैफिक रेगुलेशन और रूट प्रोटेक्शन जैसे उपायों को अनिवार्य करने की मांग की गयी है, ताकि विहार के दौरान कोई भी वाहन संतों को नुकसान न पहुंचा सके.
Kolkata Jain community Silent Rally: मानवीय कार्य में साथ आएं नागरिक
जैन समुदाय ने अपनी संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मीडिया और सिविल सोसाइटी से इस आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है. उनका कहना है कि यह केवल जैन समाज की चिंता नहीं है, बल्कि हर उस नागरिक के लिए सवाल है, जो अहिंसा और कानून में विश्वास रखता है.
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