अमित शाह का दावा- भारत में ISI समर्थित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ तबाह, 14 राज्यों में 200 से अधिक आतंकी दबोचे

ISI Shahzad Bhatti Network Busted: मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को ध्वस्त किया. 14 राज्यों में हुई छापेमारी में 200 से अधिक संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार. भारी मात्रा में हथियार और IED बरामद.

ISI Shahzad Bhatti Network Busted: पश्चिम बंगाल में 30 जुलाई से 17 अगस्त के बीच पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के 8 संदिग्ध एजेंट की गिरफ्तारी के बीच अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा है कि भारत में आतंक फैलाने की साजिश रच रहे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के मददगार ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. बंगाल एसटीएफ की कार्रवाई में गिरफ्तार किये गये कथित आईएसआई एजेंट्स ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ से जुड़े थे.

‘सुरक्षा बलों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश को किया नाकाम’

अमित शाह ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले देश को दहलाने की बड़ी अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश को भारतीय सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है. शाह के अनुसार, मोदी सरकार की आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के तहत सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है.

देश भर में एक साथ की गयी कार्रवाई : अमित शाह

उन्होंने कहा है कि देशभर में चलाये गये एक व्यापक और समन्वित अभियान के तहत 14 राज्यों के अलग-अलग ठिकानों से इस नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक संदिग्ध आतंकियों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है.

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मल्टी स्टेट एक्शन से आईएसआई का नेटवर्क तबाह

भारतीय सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों ने देश की संप्रभुता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 14 राज्यों में एक साथ एकीकृत ऑपरेशन चलाया. इस मल्टी स्टेट एक्शन ने आईएसआई और पाकिस्तान समर्थित इस नेटवर्क की कमर तोड़ दी है. केंद्रीय गृह मंत्री ने इस सफलता को भारतीय सुरक्षा बलों की सतर्कता और मोदी सरकार के दृढ़ संकल्प का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया.

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हथियारों का जखीरा और जासूसी उपकरण बरामद

गिरफ्तार किये गये आरोपियों के ठिकानों से भारी मात्रा में विस्फोटक, आधुनिक हथियार और जासूसी उपकरण बरामद किये गये हैं, जो भारत में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की योजना की ओर इशारा करते हैं. सुरक्षा बलों ने जो चीजें बरामद की हैं, उसका विवरण इस प्रकार है.

  • पाकिस्तान निर्मित हथियार : तलाशी के दौरान आईईडी (IEDs), हथगोले (जिन पर पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी की मुहर/मार्किंग है), पिस्तौलें और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किये गये हैं.
  • जासूसी उपकरण : गिरफ्तार किये गये संदिग्ध आतंकियों के पास से सीसीटीवी कैमरे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल संवेदनशील प्रतिष्ठानों की जासूसी और रेकी के लिए किया जा रहा था.
  • विभिन्न आतंकी गतिविधियों में लिप्तता : जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान से मिलने वाली फंडिंग के जरिये भारत के विभिन्न हिस्सों में हमलों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था.

आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’

सुरक्षा एजेंसियों की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई से स्वतंत्रता दिवस समारोह से पूर्व देश में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, अखंडता और नागरिकों की रक्षा के खिलाफ किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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बंगाल से अब तक 8 आईएसआई एजेंट गिरफ्तार

  • 30 जुलाई को बंगाल एसटीएफ ने हमीम मंडल को पूर्व बर्धमान से गिरफ्तार किया. वह आईएसआई समर्थित आतंकी संगठन जमात-ए-मुजाहिद्दीन के लिए काम करता था. शहजाद भट्टी नेटवर्क से भी उसके संबंध थे. आरोप है कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की हत्या की योजना बना रहा था.
  • 31 जुलाई की देर रात हमीम मंडल की गर्लफ्रेंड अर्पिता मुखर्जी को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया. आतंकी संगठन उसका इस्तेमाल हनीट्रैप के लिए कर रहे थे.
  • 12 अगस्त को उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम उर्फ राणा रऊफ को और उसके सहयोगी मोहम्मद इजाज को कोलकाता के तपसिया से गिरफ्तार किया गया.
  • 14 अगस्त को उत्तर बंगाल के कूचबहार से 3 संदिग्ध आतंकवादी रशीद उल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीक उल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया. इन पर बांग्लादेश के रास्ते भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने के आरोप हैं.
  • 17 अगस्त को कोलकाता के तपसिया से राणा रऊफ के एक और सहयोगी इमरान को पुलिस ने गिरफ्तार किया.


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By मिथिलेश झा

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