कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट
Investments in Bengal: राज्य में सत्ता परिवर्तन के महज डेढ़ महीने के भीतर कम से कम 42 उद्योगपतियों ने निवेश की इच्छा जताते हुए सरकार से संपर्क किया है. यह जानकारी राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तापस रॉय ने दी. उद्योग मंत्री ने विभाग का कार्यभार संभालने के बाद ही राज्य में उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने की बात कही थी. उन्होंने टाटा समूह समेत बड़े औद्योगिक घरानों को बंगाल में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने का आश्वासन भी दिया था. इसी बीच 42 उद्योगपतियों द्वारा राज्य में निवेश की रुचि दिखाना सरकार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
टाटा से स्वयं संपर्क में हैं उद्योग मंत्री
मंत्री ने कहा कि नवनिर्वाचित भाजपा सरकार राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. वह स्वयं टाटा समूह सहित विभिन्न निवेशकों से संपर्क करेंगे. साथ ही कई उद्योगपति पहले ही राज्य में निवेश की इच्छा जताते हुए सरकार से संपर्क करना शुरू कर चुके हैं. उन्होंने संकेत दिया कि वर्तमान बजट सत्र के दौरान औद्योगिक निवेश को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे.
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पश्चिम बंगाल के सर्वांगीण विकास पर जोर
उद्योग मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में सिंडिकेट राज, जबरन वसूली और अन्य कारणों से कई निवेशक राज्य छोड़कर चले गये थे. उन्होंने कहा कि उन निवेशकों को दोबारा बंगाल में लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. तापस रॉय ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार का ध्यान केवल अपने करीबी लोगों के उद्योगों को बढ़ावा देने और एक परिवार की समृद्धि बढ़ाने पर केंद्रित था. पूर्ववर्ती सरकार ने राज्य के समग्र विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जबकि वर्तमान सरकार पूरे पश्चिम बंगाल के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है.
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