खड़गपुर भाजपा में सामने आयी अंतर्कलह

खड़गपुर शहर में भाजपा की गुटबाजी और अंतर्कलह वर्तमान समय में खुलकर सामने आयी है. खड़गपुर सदर के विधायक हिरण्मय चट्टोपाध्याय और मेदिनीपुर के पूर्व सांसद दिलीप घोष के बीच जुबानी जंग तेज हो गयी है.

सेना की शान में निकाली गयी तिरंगा यात्रा में न बुलाने से भड़के हिरण्मय, दिलीप पर साधा निशाना

जीतेश बोरकर, खड़गपुर खड़गपुर शहर में भाजपा की गुटबाजी और अंतर्कलह वर्तमान समय में खुलकर सामने आयी है. खड़गपुर सदर के विधायक हिरण्मय चट्टोपाध्याय और मेदिनीपुर के पूर्व सांसद दिलीप घोष के बीच जुबानी जंग तेज हो गयी है. दोनो ने अपने अपने बयानों से एक दूसरे पर वार- पलटवार किया है. जिससे खड़गपुर शहर के भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटने लगा. शहर के भाजपा कार्यकर्ता दिशाहीन हो रहे हैं. जिसका प्रमाण सोशल मीडिया पर दिखाई पड़ा. भाजपा कार्यकर्ता ,भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए दिखाई पडे़. उन्होंने भाजपा नेताओं से गुहार लगायी कि भाजपा को भाजपा से नही, बल्कि विरोधी दलों से लड़ना है. इस तरह की लड़ाई से भाजपा की छवि खराब हो रही है. इस लड़ाई का सीधा राजनीतिक लाभ विपक्षी दलों को मिल रहा है. गौरतलब है कि खड़गपुर में रविवार को भाजपा की ओर से दिलीप घोष के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गयी थी. जिसमें भाजपा विधायक को शामिल होने का न्योता नही मिला था. जिससे हिरण्मय भड़क गये. उन्होंने दिलीप घोष पर नाम ना लेते हुए निशाना साधा कि मेदिनीपुर के जो पूर्व सांसद थे, वह रेलवे के बंगले में रहते हैं. उनका ना तो पासपोर्ट खड़गपुर का है और ना ही वह खड़गपुर शहर के मतदाता हैं. भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और वह मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराने की जगह क्लीनचिट दे रहे हैं. शायद इसलिए वह दीघा में जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन में शामिल होने गये थे. वहीं दिलीप घोष ने भी पलटवार किया. दिलीप ने कहा ‘मैं जो भी काम करता हूं ,वह खुलेआम करता हूं. किसी की तरह दो नावों में ना तो पैर रखता हूं और ना ही पर्दे के पीछे किसी से मिलता हूं. यह भाजपा के बडे़ नेताओं से लेकर खड़गपुर शहर की जनता जानती है. राजनीतिक और सौजन्यता दोनों मेरे लिए अलग अलग मायने रखती है’. उल्लेखनीय है कि हिरण्मय चट्टोपाध्याय के संबंध में खड़गपुर शहर में उनकी गैरहाजिर होने को लेकर उनके लापता होने का पोस्टर लगाया गया था. हिरण्मय खड़गपुर सदर के विधायक होने के साथ खड़गपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 33 के पार्षद भी हैं. वार्ड में सही तरीके से लोगों को परिसेवा ना मिलने और उनकी गैर मौजूदगी के आरोप के कारण वार्ड के लोगों में रोष भी बताया जाता है.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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