खिदिरपुर में हुमायूं कबीर का विरोध, पोस्ट को लेकर बढ़ा सियासी तनाव

तृणमूल कांग्रेस से निलंबित व जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर को खिदिरपुर जाते समय विरोध का सामना करना पड़ा.

सुप्रीम कोर्ट में ममता के सवाल-जवाब को लेकर किया पोस्ट कहा- जनता की अदालत में होगा ट्रायल

संवाददाता, कोलकाता

तृणमूल कांग्रेस से निलंबित व जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर को खिदिरपुर जाते समय विरोध का सामना करना पड़ा. बुधवार दोपहर हुई इस घटना से इलाके में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गयी. जानकारी के अनुसार, कुछ लोग उनकी कार के सामने खड़े होकर नारेबाजी करने लगे.

हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के समर्थकों ने उनका रास्ता रोका और योजनाबद्ध तरीके से बाधा उत्पन्न की. हालांकि स्थिति बिगड़ने से पहले ही उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. कुछ ही देर बाद हुमायूं कबीर वहां से चले गये.

गौरतलब है कि इससे पहले हुमायूं कबीर ने सुप्रीम कोर्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सवाल-जवाब को लेकर एक पोस्ट किया था. पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि अब नकाब उतर गया है और बंगाल के लोग ड्रामा नहीं देखना चाहते. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एसआइआर के नाम पर राज्य की जनता को परेशान कर रही हैं. उनके अनुसार, जो लोग इस कथित साजिश में शामिल हैं, वही अब अदालत का दरवाजा खटखटा कर नया ड्रामा शुरू कर चुके हैं.

हुमायूं कबीर ने यह भी लिखा कि बंगाल की जनता सब कुछ समझती है और दिन-ब-दिन बढ़ती तंगी के बीच आखिरी समय में दिखायी जा रही हमदर्दी का नाटक आम लोग पहचान चुके हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में बंगाल की पवित्र धरती से इस तरह की राजनीति का करारा जवाब दिया जायेगा. पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा था कि जनता की अदालत में ट्रायल होगा.

इसी पोस्ट के बाद खिदिरपुर में निजी काम से जाते समय उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा. हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर के आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

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