मकर संक्रांति पर सागरसंगम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, कड़ी सुरक्षा के बीच हो रहा है शाही-स्नान

Makar Sankranti: कपिल मुनि के आश्रम में पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. मंदिर परिसर में तिल रखने की भी जगह नहीं है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों को मैदान में तैनात किया गया है.

By Ashish Jha | January 14, 2026 8:54 AM

Makar Sankranti: गंगा सागर: पौष संक्रांति के शुभ अवसर पर पुण्य प्राप्ति के लिए नदियों के संगम पर भारी भीड़ उमड़ी. बुधवार तड़के से ही लाखों लोग गंगासागर के किनारे जमा हो गए हैं. देश के विभिन्न हिस्सों से तीर्थयात्री इस तीर्थस्थल पर उमड़ पड़े हैं. कहावत है, ‘सभी तीर्थयात्राएं दोहराई जाती हैं, गंगासागर की तीर्थयात्रा एक बार ही होती है.’ इस मार्ग पर चलते हुए, भक्त मानो अपने पुण्य को सागर के जल में विलीन कर रहे हैं. अब यह समुद्र तट लोगों के सागर में तब्दील हो चुका है, जो इस शाही स्नान के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिसकी शुरुआत सुबह में हुई थी.

चाक चौबंद सुरक्षा, ड्रोन से हो रही निगरानी

स्नान के साथ-साथ, कपिल मुनि के आश्रम में पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. मंदिर परिसर में तिल रखने की भी जगह नहीं है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेले के परिसर में हजारों पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है. ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है. नागरिक सुरक्षा और आपदा राहत बल तथा नौसेना किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए, विशेषकर स्नान क्षेत्र में, जलमार्गों पर लगातार गश्त कर रहे हैं. प्रशासन ने मेले में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं. हवाई मार्ग से लेकर जलमार्ग तक, पूरे मेले के मैदान को सुरक्षा के घेरे में रखा गया है. भीड़ को नियंत्रित करने और लापता लोगों को शीघ्रता से ढूंढने के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं.

शिलावती नदी में स्नान को उमड़े लोग

दूसरी ओर, मकर संक्रांति के अवसर पर घाटाल स्थित शिलावती नदी घाट पर सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी हुई है. हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर घाटाल स्थित शिलावती नदी के किनारे गंगा मेला लगता है. पश्चिम मिदनापुर के घाटाल उपमंडल के विभिन्न हिस्सों से कई तीर्थयात्री घाटाल में शिलावती नदी में स्नान करने आते हैं. गंगा पूजा का आयोजन घाटाल नगरपालिका के कर्मचारियों द्वारा किया जाता है. इस मेले का इतिहास भी बहुत प्राचीन है.

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