बंगाल में शिक्षक दिवस पर बच्चों की थाली में सजी हिलसा, फालता के स्कूल में दिखी खुशियों की अनोखी तस्वीर

फालता स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक दिवस बच्चों के लिए यादगार बन गया. जब बच्चों की थाली में चावल-आलू के साथ बंगाल की पसंदीदा हिलसा मछली परोसी गई, तो खुशी की लहर दौड़ गई. शिक्षकों की पहल और पूर्व छात्रों के सहयोग से यह आयोजन सफल रहा.

कोलकाता. दक्षिण 24 परगना जिले के फालता स्थित एक अवैतनिक प्राथमिक विद्यालय में इस बार शिक्षक दिवस का उत्सव बच्चों के लिए यादगार बन गया. कविता पाठ, गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद जब दोपहर के भोजन की बारी आई, तो बच्चों की थाली में चावल और आलू के साथ परोसी गई बंगाल की पसंदीदा हिलसा मछली ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया. किसी के सामने तली हुई हिलसा थी, तो किसी की थाली में भाप में पकी हिलसा. मछली देखते ही बच्चों के चेहरों पर अलग ही खुशी नजर आई.

खाने की थाली देख बच्चों के खिले चेहरे

कुछ बच्चे मछली की हड्डियां निकालना भी ठीक से नहीं सीख पाए हैं. कोई दोनों हाथों से मछली-चावल खाने में जुटा था, तो कोई अपने साथियों को देखकर उत्साह में मुस्कुरा रहा था. खाने का तरीका भले ही बच्चों का अलग-अलग था, लेकिन उनकी खुशी एक जैसी थी. शिक्षकों की पहल और पूर्व छात्रों के सहयोग से आयोजित इस भोज ने बच्चों के लिए शिक्षक दिवस की यादों में एक स्वादिष्ट और भावनात्मक अध्याय जोड़ दिया.

शिक्षकों की पहल, पूर्व छात्रों ने भी बढ़ाया हाथ

विद्यालय में 400 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं और शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी बच्चों के लिए हिलसा मछली की व्यवस्था की गई थी. विद्यालय के प्रधानाध्यापक तिलक नस्कर ने बताया कि इस आयोजन में स्कूल के सात शिक्षकों ने अपनी ओर से पहल की. साथ ही विद्यालय के पूर्व छात्रों ने भी इसमें महत्वपूर्ण सहयोग किया. शिक्षकों की इस पहल ने शिक्षक दिवस को महज एक औपचारिक कार्यक्रम के बजाय बच्चों के लिए यादगार अनुभव बना दिया.

पूर्ववर्ती छात्रों के कारण हुआ संभव

प्रधानाध्यापक के मुताबिक, विद्यालय के कई पूर्व छात्र अब मछली के कारोबार से जुड़े हुए हैं. उन्होंने बाजार की थोक कीमत पर हिलसा उपलब्ध कराई, जिससे इतने बड़े स्तर पर बच्चों के लिए मछली का इंतजाम संभव हो सका. बच्चों को तली हुई और भाप में पकी हुई, दोनों तरह की हिलसा परोसी गई.

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दूसरे स्कूलों के शिक्षक भी बने मेहमान

बच्चों ने बताया कि उन्हें हर साल स्कूल में हिलसा मछली खिलाई जाती है, लेकिन इस बार शिक्षक दिवस के मौके पर हुआ यह आयोजन उनके लिए खास रहा. थाली में हिलसा मिलते ही बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी. इस अवसर पर केवल विद्यालय के विद्यार्थी और शिक्षक ही शामिल नहीं हुए, बल्कि आसपास के दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों को भी आमंत्रित किया गया था. इस तरह फालता के इस छोटे से विद्यालय में शिक्षक दिवस शिक्षा, सहयोग और अपनत्व के उत्सव में बदल गया.

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लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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