शिक्षकों के धरना मामले में हाइकोर्ट का त्वरित सुनवाई से इनकार

कलकत्ता हाइकोर्ट ने सोमवार को सॉल्टलेक के विकास भवन के सामने 13 दिनों से धरने पर बैठे नौकरी से निकाले गये ‘योग्य’ शिक्षकों के आंदोलन के खिलाफ दायर याचिका पर त्वरित सुनवाई करने से इनकार कर दिया.

कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने सोमवार को सॉल्टलेक के विकास भवन के सामने 13 दिनों से धरने पर बैठे नौकरी से निकाले गये ””योग्य”” शिक्षकों के आंदोलन के खिलाफ दायर याचिका पर त्वरित सुनवाई करने से इनकार कर दिया. हालांकि, अदालत ने याचिका दाखिल करने की अनुमति दे दी है. विकास भवन क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी द्वारा दायर इस याचिका में दावा किया गया था कि लगातार चल रहे आंदोलन के कारण सामान्य जनजीवन बाधित हो रहा है. याचिकाकर्ता ने पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाते हुए मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग की थी. मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौमेन सेन ने हाइकोर्ट में लंबित जनहित याचिकाओं की संख्या पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 700 जनहित याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत वास्तव में जनहित से संबंधित नहीं हैं.

न्यायमूर्ति सेन ने टिप्पणी की कि कई मामले केवल प्रचार के उद्देश्य से अदालत में लाये जाते हैं, इसलिए इस मामले में त्वरित सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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