हनीट्रैप के लिए खूबसूरत युवतियों का गैंग तैयार कर रहा था हमीम मंडल

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स को पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसियों द्वारा खूबसूरत युवतियों का एक हनीट्रैप गैंग तैयार किये जाने का पता चला है. इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख मंत्रियों को फंसाना था. झारखंड की एक मॉडल भी इस गैंग का हिस्सा है, ऐसी सूचना मिली है. हालांकि, उसके नाम का खुलासा नहीं हुआ है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के सदस्यों को पता चला है कि पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसियों और आतंकवादी संगठनों द्वारा इस राज्य में खूबसूरत युवतियों का एक गैंग तैयार किया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के कुछ प्रमुख मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को हनीट्रैप के जाल में फंसाना था.

झारखंड की मॉडल का भी नाम आया सामने

खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस काम के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय सुंदर युवतियों और उभरती हुई मॉडल को निशाना बनाया जाता था. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर सोशल मीडिया के जरिये ऐसी युवतियों से संपर्क साधते थे. उन्हें अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के मोहरे के रूप में इस्तेमाल करते थे. झारखंड की एक खूबसूरत मॉडल का नाम भी इस मामले में सामने आया है. उसे मॉडलिंग और एक्टिंग में ब्रेक देने का लालच देकर इस साजिश में शामिल किया गया था.

  • सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव रहने वाली कम उम्र की युवतियों को करते थे टारगेट
  • मोटी रकम का प्रलोभन देकर हर हाल में अपने गिरोह से जोड़ने का होता था प्रयास

पाकिस्तान से दी जाती थी ऑनलाइन ट्रेनिंग

जांच में पता चला है कि संदिग्ध एजेंटों द्वारा इन युवतियों को सोशल मीडिया पर पहले दोस्ती बढ़ाने और फिर धीरे-धीरे उनके करीब जाने के निर्देश दिये जाते थे. इसके बाद उन्हें लक्षित लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए तैयार किया जाता था. मोटी रकम का लालच देकर और पाकिस्तान से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिलाकर इस पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था.

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मंत्रियों को निशाना बनाने की थी योजना

राज्य पुलिस के एसटीएफ की टीम इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि हनीट्रैप नेटवर्क के दायरे में और कितनी युवतियां हैं. पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किन-किन मंत्रियों या अन्य प्रभावशाली लोगों को इस तरह से निशाना बनाने की योजना बनायी गयी थी.

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गिरफ्तार संदिग्ध के बैंक खातों की हो रही जांच

इस गिरोह में शामिल युवतियों के बारे में जानकारी लेने के साथ गिरफ्तार संदिग्धों के बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच तेजी से की जा रही है, ताकि इस बड़े सुरक्षा खतरे की तह तक पहुंचा जा सके.

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By मिथिलेश झा

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