बंगाल के अधिकारियों को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की दो टूक, बोले- बिना डर कानून का पालन करें

Gyanesh Kumar : बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर आये मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बंगाल के अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा है कि वो बिना डर के कानून लागू करें.

Gyanesh Kumar : कोलकाता : बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने कोलकाता आये मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हर हाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष होगा. अधिकारियों को साफ कह दिया गया है कि वे बिना किसी डर के सिर्फ कानून का पालन करें. पत्रकारों को संबोधित करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR का काम पूरी ईमानदारी से किया जा रहा है. किसी वैध वोटर को वोट देने से वंचित नहीं किया जायेगा. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि कोई अवैध वोटर मतदाता सूची में शामिल न हो पाये.

राजनीतिक दलों के सुझावों पर हो रहा विचार

ज्ञानेश कुमार ने पिछले दो दिनों में हुई कई दौर की बैठकों के बारे में भी पत्रकारों को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के साथ इलेक्शन कमीशन की सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई. सभी के सुझाावों पर विचार किया जा रहा है. अधिकारियों के साथ हुई बैठक के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्होंने बिना डर, बिना भेदभाव के अधिकारियों को काम करने का निर्देश दिया है.

किसी रूप में हिंसा बर्दाश्त नहीं

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि बंगाल में हर हाल में शातिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराना आयोग की जिम्मेदारी है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने बार-बार जोर देकर कहा कि चुनाव में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जायेगी. किसी भी मतदाता पर दबाव बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. पहले जो मतदान पूर्व और वोटिंग के बाद हिंसा होती थी, चुनाव आयोग को उम्मीद है कि इस बार वैसा नहीं होगा. मतदान के बाद हिंसा का अगर कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी.

जल्द होगा तारीखों का एलान

चुनाव तारीख के संबंध में पूछे जाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव की तारीख जल्द ही घोषित कर दी जायेगी. एक सवाल के जबाव में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदान के चरणों की संख्या चर्चा के बाद घोषित की जाएगी. महाराष्ट्र में एक चरण में चुनाव हुए थे. पश्चिम बंगाल में मतदान के चरणों की संख्या कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए तय की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस बार सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी. मतदाताओं को बूथ में मोबाईल ले जाने की अनुमति नहीं होगी. ईवीएम पर उम्मीदवारों के रंगीन चित्र होंगे. यदि उम्मीदवार चाहें, तो 7 दिन के भीतर ईवीएम का परीक्षण किया जायेगा. राज्य के प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सहायता केंद्र बनेगा.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मुख्य बातें

  • प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विशेष अधिकारी होंगे, जो युवा मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए अभियान चलाएंगे.
  • बुजुर्ग मतदाताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, सभी मतदान केंद्र एक ही तल पर होंगे. व्हीलचेयर और रैंप की व्यवस्था की जाएगी.
  • दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी. 85 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए घर से मतदान करने की व्यवस्था की जाएगी.
  • आप मतदान करते समय अपना मोबाइल फोन मतदान केंद्र के बाहर छोड़ सकते हैं.
  • आप ECINET ऐप डाउनलोड करके सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. पहले कई ऐप थे, लेकिन अब सब कुछ एक ही ऐप में मिल जाएगा. मतदान प्रतिशत भी इसी ऐप में उपलब्ध होगा. आप अपने एपिक कार्ड (EPIC Card) और उम्मीदवारों से संबंधित सारी जानकारी भी इसी ऐप में हासिल कर सकते हैं.
  • इस बार वोटिंग की शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी.
  • सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी डर या पक्षपात के कानून का पालन करें.
  • एसपी और जिला मजिस्ट्रेटों को मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं.
  • भारत एक लोकतांत्रिक देश है. प्रत्येक राजनीतिक दल को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है.

Also Read: SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान, बोले जस्टिस सूर्यकांत- रखें विश्वास, एक भी वैध वोटर नहीं छूटेगा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >