पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना क्षेत्र में ग्राम पंचायत कार्यालय से सरकारी फाइलों को बाहर ले जाने के प्रयास को लेकर सनसनी फैल गयी. आरोप है कि भगवंतपुर-1 ग्राम पंचायत कार्यालय का एक कर्मचारी बैग में महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज भरकर कार्यालय से बाहर निकल रहा था, तभी पुलिस ने उसे रोककर हिरासत में ले लिया.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, देर रात पंचायत कार्यालय परिसर से एक कर्मचारी को बैग में सरकारी फाइलें लेकर बाहर जाते देख लोगों को संदेह हुआ. इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गयी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित कर्मचारी को हिरासत में लेकर उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली.
तलाशी के दौरान बैग से बड़ी संख्या में सरकारी फाइलें और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये गये. इसके बाद पुलिस ने सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. घटना उजागर होने के बाद कई सवाल खड़े हो गये हैं. आखिर आधी रात को पंचायत कार्यालय से सरकारी फाइलें बाहर क्यों ले जायी जा रही थीं? क्या किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज को हटाने या गायब करने की कोशिश की जा रही थी?
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गंभीर आरोप लगाये हैं. भाजपा नेताओं का कहना है कि पंचायत के महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड को हटाने का प्रयास किया जा रहा था. पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस का कहना है कि बरामद किये गये सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
यह पता लगाया जा रहा है कि फाइलों को किस उद्देश्य से कार्यालय से बाहर ले जाया जा रहा था और क्या इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है. हालांकि, इस घटना को लेकर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और क्षेत्र के लोगों की नजर पुलिस जांच के नतीजों पर टिकी हुई है.
