उत्तर बंगाल में बाढ़ व भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 33संवाददाता, कोलकाताउत्तर बंगाल में भारी बारिश और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गयी है. दार्जिलिंग-मिरिक में 20, जलपाईगुड़ी में नौ और कूचबिहार में चार लोगों की मौत हो गयी है. आपदा प्रबंधन कर्मियों ने सोमवार को भी बचाव अभियान जारी रखा, क्योंकि कई लोग अब भी लापता हैं. उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के परिजनों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. उन्होंने राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को होमगार्ड की नौकरी देने का एलान किया है. मुख्यमंत्री ने सोमवार को उत्तर बंगाल के बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों का दौरा करने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा: मुझे पता है कि पैसे से किसी की जान की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह संकट में लोगों के साथ खड़ी रहे. इसलिए मुआवजा और नौकरी की यह मदद दी जा रही है. सीएम ने बाढ़ पीड़ितों में सहायता राशि वितरित की.
दार्जिलिंग में सैकड़ों पर्यटक अब भी फंसे हैं
कोलकाता. सैकड़ों पर्यटक अब भी पहाड़ी इलाकों में फंसे हुए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ के नेतृत्व में बचाव अभियान जारी है. मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. 40 से ज्यादा भूस्खलन स्थलों पर मलबा हटाने का काम जारी है. कई बस्तियों से सड़क संपर्क टूटा हुआ है. सिलीगुड़ी जाने वाली मुख्य सड़कें अवरुद्ध होने से दुर्गापूजा की छुट्टियों के लिए पहाड़ों पर गये सैकड़ों पर्यटक फंसे हुए हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
