समुद्र का बढ़ता जलस्तर बना कपिल मुनि मंदिर के लिए खतरा, महज एक किलोमीटर रहा अब फासला

Gangasagar Mela: गंगासागर हिंदू तीर्थ स्थलों में विशेष स्थान रखता है और कुंभ मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक मेला यहीं लगता है. श्रदालुओं की गहरी आस्था और पौराणिक महत्व इसे एक विशिष्ट तीर्थ स्थल बनाते है. अब देखना यह है कि प्रशासन इस चुनौती का सामना कैसे करती है, क्योंकि सरकार इस वार्षिक धार्मिक आयोजन को ''राष्ट्रीय मेले'' का दर्जा दिलाने के लिए बेताब है.

By Ashish Jha | January 15, 2026 9:42 AM

Gangasagar Mela: गंगासागर. शिव कुमार राउत. समुद्र के बढ़ते जलस्तर और समुद्र तट का कटाव अब गंगासागर मेले के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है. प्रशासन ने समुद्र तट पर चेतावनी का बोर्ड लगा दिया है और तीर्थ यात्रियों को पवित्र स्नान के लिए कपिल मुनि मंदिर से दूर अन्य तटों की ओर मोड़ दिया है. समुद्र के लागातार बढ़ते जल स्तर के कारण दो और तीन नंबर समुद्र घाट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. एक और चार नंबर घाट कीचड़ व दलदली मिट्टी से भरा पड़ा है. सिर्फ पांच और छह नंबर घाट पर ही मोक्ष स्नान की व्यवस्था की गयी है. करोड़ों की भीड़ ‘सारे तीरथ बार-बार गंगासागर एक बार’ वाले कहावत को जपते हुए यहां से स्नान करके लौट रहे हैं.

मंदिर के समुद्र में समा जाने का खतरा

हालात यह है कि अब समुद्र और कपिल मुनि मंदिर के बीच सिर्फ एक किलोमीटर का फासला रह गया है. अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गये तो आने वाले समय में यह कपिल मुनि मंदिर भी जलसमाधि ले सकता है. गंगासागर हिंदू तीर्थस्थलों में विशेष स्थान रखता है और कुंभ मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक मेला यहीं लगता है. श्रदालुओं की गहरी आस्था और पौराणिक महत्च इसे एक विशिष्ट तीर्थस्थल बनाते है.

क्या कहते हैं तीर्थयात्री और दुकानदार

घाटों की संख्या कम होने के कारण स्नान व पूर्जा-अर्चना करने में बहुत असुविधा हो रही है. खासकर बुर्जुग तीर्थयात्रियों के लिए दलदली व कीचड़ भरे तट सबसे अधिक कठिनाई का सबब है. स्थानीय निवासी विस्थापन की समस्या से जूझ रहे हैं. वहीं, दुकानदारों का कहना है कि हमारे दुकान भी सागर में समा सकते हैं. लेकिन प्रशासन को तो वोट बैंक की राजनीति करनी है. तीर्थ स्थल को बचाने के बदले वह तो वह पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं और मुड़ी गंगा पर ब्रिज बना रहे हैं.

प्रकृति और विज्ञान के बीच की है लड़ाई

बंगाल के सिंचाई एवं जलमार्ग मंत्री डॉ मानस भुइया कहते है कि यह सही है कि ज्वार और प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए कटाव से गंगासागर क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, परंतु राज्य सरकार समुद्र के बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए कपिल मुनि मंदिर की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक तरीकों से आगे बढ़ रही है. बढ़ते कटाव को रोकने के लिए नीदरलैंड्स और आइआइटी मद्रास के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है. उन्होंने इसे प्रकृति और विज्ञान के बीच की लड़ाई कहा.

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