दल-बदल से लेकर कई मुद्दे प्रचार में, सभी पार्टियों ने झोंकी ताकत

कालीगंज उपचुनाव

कालीगंज उपचुनाव कोलकाता. 19 जून को नदिया जिले की कालीगंज विधानसभा सीट का उपचुनाव होने जा रहा है. इस सीट को बरकरार रखने के लिए दिवंगत विधायक नसीरुद्दीन अहमद की बेटी आलिफा अहमद पर तृणमूल ने भरोसा जताया है. दूसरी ओर कांग्रेस व भाजपा भी चुनाव में पूरी ताकत झोंक रही है. वाममोर्चा ने राज्य में गठबंधन को बनाये रखने के लिए इस सीट पर कांग्रेस को समर्थन दिया है. कांग्रेस ने काबिलुद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया है. चुनाव प्रचार में सभी दल एकदूसरे के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. भाजपा जनता को सागरदिघी की याद दिला रही है. सागरदिघी में कांग्रेस के बायरन विश्वास ने चुनाव जीतने के बाद तृणमूल का दामन थाम लिया था. साथ ही 2016 में कालीगंज सीट से ही कांग्रेस के टिकट पर शेख हसनामुज्जमां जीतने के बाद तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये थे. चुनाव प्रचार के दौरान नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कालीगंज में जो वोट भाजपा को मिलता है, वह तो हमें मिलेगा ही. लेकिन वह अन्य विरोधी वोटरों को कहना चाहते हैं कि बायरन व हसानुज्जमां जैसे काबिलुद्दीन को वोट देकर अपना वोट नष्ट न करें. कांग्रेस का वोट अपने पक्ष में करने के लिए सागरदिघी से जीते बायरन के दल बदलने को मुद्दा बना रही है. वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि भाजपा ने यहां से आशीष घोष को उम्मीदवार बनाया है. लेकिन जिस देवग्राम पंचायत से वह जुड़े हुए हैं. , वह तृणमूल व भाजपा द्वारा संयुक्त रूप से संचालित ग्राम पंचायत है. इससे तो यही साफ हो रहा है कि भाजपा व तृणमूल एक ही सिक्के के दो पहलु हैं. उन्होंने कहा : मैं यहां के सचेतन वोटरों से अपील कर रहा हूं कि भाजपा व तृणमूल के छद्म लड़ाई का मुखौटा खोल दें. तृणमूल राज्य में हो रहे विकास को जनता के सामने रख रही है.

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Published by: Sandip tiwari

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