गरियाहाट हत्याकांड: नौ हजार रुपये बकाया मांगने पर दोस्तों ने ही कर दी थी हत्या

पुलिस का दावा, चारों दोस्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया जुर्म

पुलिस का दावा, चारों दोस्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया जुर्म संदेह होने पर पिता ने शिकायत दर्ज करा फिर से जांच करने का गरियाहाट थाने से किया था आवेदन कोलकाता.ऋण के तौर पर दिये गये नौ हजार बकाया रुपये मांगने पर दोस्तों में झगड़ा हो गया था, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि इसकी वजह से दोस्त की हत्या जैसी क्रूर घटना हो सकती है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवक की छाती की चार हड्डियां टूटी मिली थीं. उसके सिर के पिछले हिस्से पर भी चोट आयी थी. इससे हत्या का मामला स्पष्ट हो गया था. जिसके बाद जांच शुरू कर गरियाहाट थाने की पुलिस ने चार दोस्तों को गिरफ्तार किया. पुलिस का दावा है कि सभी ने हत्या में शामिल होने के आरोप को स्वीकार कर लिया है. घटना गत 26 मार्च की है. बताया जा रहा है कि गरियाहाट के निकट पूर्णदास रोड पर विनोद दास अपने घर के सामने मृत पाया गया था. उसके दोस्त पुलिस स्टेशन गये और रोते हुए कहने लगे कि उनके दोस्त की अप्राकृतिक मौत हो गयी है. पुलिस ने घटनास्थल से शव बरामद किया. पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की तब हकीकत का हुआ खुलासा: पुलिस ने पूरी घटना की जांच के बाद बताया कि विनोद को उस दिन तड़के चार युवकों के साथ कंबल में लिपटा हुआ देखा गया था. पुलिस ने दोस्तों से पूछताछ की तो शुरुआत में दोनों दोस्तों बाबला उर्फ नीलांजन गोस्वामी और शुभदीप उर्फ बाबू ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं पता. इसके बाद पुलिस ने सबसे पहले दो दोस्तों बाबला और बाबू को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की. तभी वे टूट गये और उन्होंने सच्चाई स्वीकार कर ली. बाद में दो और दोस्तों अरविंद कुमार साव और योगेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया. बकाया रकम को लेकर हत्या का हुआ खुलासा: आरोपियों ने बताया कि विनोद ने पेशे से आइटी शिक्षक बाबला उर्फ नीलांजन से 14 हजार रुपये उधार लिया था. इसमें पांच हजार रुपये वापस कर दिया गया, लेकिन शेष नौ हजार बकाया था. इसे लेकर दोनों मित्रों के बीच खींचतान चल रही थी. घटना वाले दिन सभी लोग एक साथ शराब पी रहे थे. उस समय कर्ज चुकाने को लेकर बिनोद और बबला में फिर झगड़ा हुआ. फिर बाकी दोस्तों ने विनोद की पिटाई कर दी. पुलिस ने बताया कि उसे जमीन पर गिरा दिया गया और छाती पर लात मारी गयी, उसके सिर के पिछले हिस्से पर भी चोट लगी थी. फिर जब उसे घर के सामने लाकर फेंका गया तो विनोद की मौत हो गयी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट की सावधानीपूर्वक जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि विनोद की मौत अप्राकृतिक नहीं थी, बल्कि नौ हजार रुपये बकाया रकम को लेकर उसकी हत्या की गयी थी. पहले लगा कि शराब पीने के कारण हुई है मौत प्रारम्भ में यह माना गया कि विनोद की मृत्यु अत्यधिक शराब पीने के कारण हुई. फिर, विनोद का अंतिम संस्कार नियमानुसार किया गया. परिवार के सदस्यों ने भी मौत पर कोई संदेह व्यक्त नहीं किया. विनोद के पिता उस समय घर पर नहीं थे जब उनके बेटे की मौत हुई. कोलकाता लौटने पर पड़ोसी से घटना के बारे में सुनने के बाद उन्हें संदेह हुआ. इसके बाद उन्होंने गरियाहाट थाने में बेटे के हत्या किये जाने की शिकायत दर्ज कराई.

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Published by: Sandip tiwari

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