एडमस यूनिवर्सिटी ने गवर्नर सीवी आनंद बोस की मौजूदगी में 9वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया कोलकाता. एडमस यूनिवर्सिटी ने बारासात कैंपस में अपना 9वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया, जिसमें कई विषयों में ग्रेजुएट हुए विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गयीं. समारोह में राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने स्नातक के विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों और एकेडमिक लीडरशिप को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा एक ऐसा विकल्प है, जिससे समाज व राष्ट्र को सकारात्मक रूप से बदला जा सकता है. सही समय पर सही निर्णय लेना और अपनी बुद्धि का सही उपयोग करना ही असली शिक्षा है. देश की अगली पीढ़ी के भविष्य को आकार देने में शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका है. स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अनुशासन के साथ लक्ष्य पर फोकस करें और तब तक न रुकें, जब तक वह लक्ष्य को हासिल न कर लें. शिक्षित होकर समाज व राष्ट्र को भी सशक्त बनायें. आज के दौर में ज्ञान, नवाचार और एथिकल नेतृत्व के जरिये युवा बहुत आगे बढ़ रहे हैं और देश की आर्थिक प्रगति में उनका बड़ा योगदान हो सकता है. एडमस यूनिवर्सिटी एक प्रतिष्ठित और अनुशासित यूनिवर्सिटी है, जहां न केवल बंगाल के बल्कि अन्य राज्यों के युवा भी पढ़ रहे हैं. मुझे विश्वास है कि यह यूनिवर्सिटी देश के महान लीडर्स तैयार करेगी और एक दक्ष श्रमशक्ति तैयार होगी, जो देश की तरक्की में अहम योगदान देगी. दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता चांसलर प्रो. समित रे और वाइस चांसलर प्रो. सुरंजन दास ने की. इस मौके पर डॉ टीजी सीताराम, डॉ सत्य गुप्ता, और एके चौधरी, प्रो अमलान चक्रवर्ती उपस्थित थे. इस साल कुल 1,527 स्टूडेंट्स को अलग-अलग कोर्स में डिग्री दी गयी. यहां 992 अंडरग्रेजुएट, 457 पोस्टग्रेजुएट, 22 पीएचडी और 54 डिप्लोमा पाने वालों के साथ-साथ एनईपी फ्रेमवर्क के तहत दो छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गयीं. एकेडमिक एक्सीलेंस के लिए 12 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 20 को सिल्वर मेडल दिये गये. यूनिवर्सिटी ने चार जानी-मानी हस्तियों इंद्रजीत मित्रा, आशीष अग्रवाल, अजीत सिंह और प्रीतम नागरीगरी को उनकी प्रोफेशनल उपलब्धियों व उनके अपने-अपने क्षेत्र में योगदान को देखते हुए ऑनरेरी डॉक्टरेट (ऑनोरिस कॉसा) की डिग्री प्रदान की. एडमस यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. समित रे ने कहा कि दीक्षांत समारोह सिर्फ एकेडमिक सफर का खत्म होना नहीं है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है.
अपने लक्ष्य पर फोकस करें कामयाबी अवश्य मिलेगी
देश की अगली पीढ़ी के भविष्य को आकार देने में शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका है
