सेवाश्रय के लिए अभिषेक बनर्जी ने कराया था अवैध निर्माण! कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा मामला

ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपने संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में लोगों को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए एक कार्यक्रम चलाया था- सेवाश्रय. इसके लिए कुछ अस्थायी ढांचे का निर्माण कराया गया था. यह मामला अब कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है. जानें याचिकाकर्ता ने क्या मांग की है.

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर के लोकसभा सांसद की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं. कलकत्ता हाईकोर्ट से जैसे ही उन्हें किसी मामले में राहत मिलती है, उनके खिलाफ एक और याचिका दाखिल हो जाती है. अब सांसद के खिलाफ ‘सेवाश्रय’ कैंप के लिए अवैध निर्माण कराने के आरोप लगे हैं. दक्षिण 24 परगना जिले के फालता के लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उसे तोड़ने की अपील की है. एक्टिंग चीफ जस्टिस तपव्रत चक्रवर्ती की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता को केस दायर करने की अनुमति दे दी है. इसी सप्ताह केस की सुनवाई होगी.

बीडीओ कार्यालय के पास मैदान पर कब्जे का आरोप

फालता के निवासी अमीनुद्दीन खान ने अभिषेक बनर्जी के सेवाश्रय के लिए हुए निर्माण के खिलाफ याचिका दाखिल की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि फालता के प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ऑफिस के पास बच्चों के खेलने के मैदान में सेवाश्रय कैंप के लिए निर्माण कराया गया था. अब सेवाश्रय का काम पूरी तरह से ठप है. फिर भी उस जगह पर अवैध रूप से कब्जा बरकरार है. सेवाश्रय कैंप के लिए हुए निर्माण को तत्काल तोड़ने की मांग खान ने की है.

अभिषेक की वजह से लोग परेशान : याचिकाकर्ता

याचिकाकर्ता ने कहा है कि अभिषेक बनर्जी के कहने पर कराये गये निर्माण की वजह से स्थानीय लोग परेशान हो रहे हैं. उस मैदान में स्कूली बच्चों के लिए खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन होता था. क्रिकेट और फुटबॉल के मैच भी कराये जाते थे. सरकारी और सामाजिक आयोजन भी होते थे. ये सारी गतिविधियां अब पूरी तरह से थम गयीं हैं.

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3 निर्माण पर खर्च हुए थे 5 करोड़ रुपए

अभिषेक बनर्जी ने अपने लोकसभा क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए ‘सेवाश्रय’ के नाम से एक कार्यक्रम की शुरुआत की थी. बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले इसके लिए उन्होंने कई जगह अस्थायी निर्माण करवाया था. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि फालता इलाके में सबसे ज्यादा 3 अवैध निर्माण कराये गये थे. निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च हुए थे. अमीनुद्दीन ने हाईकोर्ट से अपील की है कि अवैध रूप से कराये गये निर्माण को जल्द से जल्द ध्वस्त किया जाये.

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