सरकारी अस्पतालों में खुलेगा इवनिंग ओपीडी

राज्य स्वास्थ्य विभाग विधानसभा चुनाव से पहले मरीजों की सुविधा के लिए बड़ा निर्णय ले आया है. विभाग ने सरकारी अस्पतालों में इवनिंग ओपीडी या शाम की आउटडोर सेवा शुरू करने का फैसला किया है.

संवाददाता, कोलकाता

राज्य स्वास्थ्य विभाग विधानसभा चुनाव से पहले मरीजों की सुविधा के लिए बड़ा निर्णय ले आया है. विभाग ने सरकारी अस्पतालों में इवनिंग ओपीडी या शाम की आउटडोर सेवा शुरू करने का फैसला किया है. यह सेवा दोपहर तीन से शाम छह बजे तक चलेगी. करीब 15 दिन पहले जिलों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में इस निर्णय को अंतिम रूप दिया गया. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यह सेवा धीरे-धीरे जिलास्तर के अस्पतालों में शुरू की जायेगी.

चरणबद्ध रूप से खुलेंगे इवनिंग ओपीडी: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रथम चरण में यह सेवा राज्य के सभी सुपर स्पेशियलिटी, स्टेट जनरल, अनुमंडलीय अस्पताल और जिला हॉस्पिटल में शुरू की जायेगी. वर्तमान में राज्य में 14 जिला हॉस्पिटल और कुल 71 सुपर स्पेशियलिटी, सब-डिस्ट्रिक्ट और स्टेट जनरल हॉस्पिटल हैं. कुल मिलाकर, 85 अस्पतालों में इवनिंग ओपीडी सेवा शुरू होगी. शुरुआत गायनेकोलॉजी-ऑब्सटेट्रिक्स (स्त्री रोग) और पीडियाट्रिक आउटडोर से होगी.

प्रत्येक विभाग में कम से कम चार से पांच चिकित्सकों को ओपीडी में तैनात किया जायेगा. धीरे-धीरे मेडिसिन, सर्जरी और अन्य विभागों में भी यह सेवा शुरू होगी. बालुरघाट, सिलीगुड़ी और डायमंड हार्बर जैसे जिलों में इसकी तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी है. सिलीगुड़ी जिला हॉस्पिटल में गायनेकोलॉजी और पीडियाट्रिक के साथ मेडिसिन और सर्जरी में भी इवनिंग ओपीडी सेवा शुरू की जायेगी.

दक्षिण 24 परगना जिले में अब तक सामान्य मरीज केवल शाम की इमरजेंसी में देखे जाते थे. अब उनके लिए अलग शाम आउटडोर सेवा शुरू की जायेगी और मरीजों का रिकॉर्ड रखने के लिए अलग रजिस्टर बनाने का आदेश दिया गया है. पूर्व मेदिनीपुर के अस्पतालों में भी अलग आउटडोर सेवा की तैयारी चल रही है.

दिनभर काम में व्यस्त रहनेवालों को होगी सहूलियत : स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला कामकाजी लोगों, छात्रों और दूर-दराज के इलाकों के मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है. शाम की ओपीडी सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार होगी, जो दिनभर व्यस्त रहने के कारण सुबह ओपीडी में नहीं जा पाते हैं.

चिकित्सकों में नाराजगी

राज्य सरकार के इस फैसले से चिकित्सकों के एक वर्ग में नाराजगी है. एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर ने इस नयी व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को ज्ञापन सौंपा है. कई जिला और अनुमंडल अस्पतालों के सुपरिटेंडेंट ने भी सवाल उठाया है कि अस्पतालों में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की पहले से ही कमी है. ऐसे में अतिरिक्त आउटडोर चलाना मुश्किल होगा.

क्या कहना है प्रधान सचिव का

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नारायण स्वरूप निगम ने कहा कि सुबह का ओपीडी दोपहर दो बजे तक खुला रहता है, लेकिन जिला अस्पताल ठीक से सेवा नहीं दे पा रहे थे, इसलिए शाम के ओपीडी का इंतजाम किया गया है. पहले इसे मैटरनिटी और चाइल्ड डिपार्टमेंट में शुरू किया जा रहा है. स्थिति देख अन्य विभागों में भी इसे शुरू किया जायेगा.

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