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वोटर लिस्ट स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को बाधित करने के लिए फरक्का के बीडीओ ऑफिस में पिछले दिनों तोड़फोड़ की गयी थी. इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के विधायक पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश चुनाव आयोग ने दिये हैं. इलेक्शन कमीशन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है.
मोनिरुल इस्लाम पर एफआईआर करने का निर्देश
अधिकारी ने कहा है कि पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल के फरक्का प्रखंड विकास कार्यालय यानी ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में टीएमसी के एमएलए मोनिरुल इस्लाम ने अपने समर्थकों के साथ तोड़फोड़ की थी. इस मामले में आयोग की ओर से डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को आदेश दिया है कि टीएमसी विधायक पर एफआईआर दर्ज करवायें.
एसआईआर को इस्लाम ने बताया था ‘जनता का उत्पीड़न’
इलेक्शन कमीशन के अधिकारी ने बताया कि विधायक मोनिरुल इस्लाम ने अपने समर्थकों के साथ कथित तौर पर फरक्का बीडीओ कार्यालय के बाहर जारी एसआईआर प्रक्रिया को ‘जनता का उत्पीड़न’ करार दिया और इसके विरोध में प्रदर्शन किया. बाद में प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की.
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पुलिस ने FIR में नहीं लिखा टीएमसी विधायक का नाम
चुनाव आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया. आयोग के अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार से बात की और प्राथमिकी दर्ज करने को कहा. पुलिस ने निर्देश का पालन किया, लेकिन प्राथमिकी में विधायक को बतौर आरोपी नामजद नहीं किया. चुनाव आयोग ने अब निर्देश दिया है कि मोनिरुल इस्लाम को नामजद करते हुए नयी प्राथमिकी दर्ज की जाये.
बीएलओ के एक गुट के विरोध की वजह से भड़की हिंसा
इलेक्शन कमीशन ने कहा है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स के एक गुट के विरोध प्रदर्शन की वजह से हिंसा भड़की. बीएलओ ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया. कहा कि विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ कार्यालय तक मार्च किया और एसआईआर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसके बाद ही स्थिति बिगड़ी और लोग बीडीओ कार्यालय में घुस गये और तोड़फोड़ की.
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