राज्य के 14 विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम दौर में

राज्य के 14 यूनिवर्सिटियों में कुलपतियों की नियुक्ति के लिए अंतिम दौर के साक्षात्कार के दौरान आठ कुलपति उम्मीदवार पूर्व सीजेआई के नेतृत्व वाले पैनल के समक्ष उपस्थित हुए. पूर्व सीजेआई यूयू ललित के नेतृत्व वाला पैनल शीघ्र ही इस प्रक्रिया को पूरा करेगा. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु द्वारा हाल ही में दिये गये संकेत के अनुसार, 28 अगस्त से पहले नामों को अंतिम रूप दिया जायेगा.

कोलकाता.

राज्य के 14 यूनिवर्सिटियों में कुलपतियों की नियुक्ति के लिए अंतिम दौर के साक्षात्कार के दौरान आठ कुलपति उम्मीदवार पूर्व सीजेआई के नेतृत्व वाले पैनल के समक्ष उपस्थित हुए. पूर्व सीजेआई यूयू ललित के नेतृत्व वाला पैनल शीघ्र ही इस प्रक्रिया को पूरा करेगा. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु द्वारा हाल ही में दिये गये संकेत के अनुसार, 28 अगस्त से पहले नामों को अंतिम रूप दिया जायेगा.

कलकत्ता, मकाउट और उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय से हुई शुरुआत : चयन प्रक्रिया तीन विश्वविद्यालयों, कलकत्ता विश्वविद्यालय, मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी (मकाउट) और उत्तर बंगाल यूनिवर्सिटी से शुरु हुई.

प्रत्येक विश्वविद्यालय को एक घंटे का समय दिया गया था, जब नौ में से आठ शॉर्टलिस्ट किये गये वाइस चांसलर उम्मीदवार तीनों विश्वविद्यालयों के लिए साक्षात्कार के लिए उपस्थित हुए. मकाउट और एनबीयू दोनों के लिए चुने गये तीनों उम्मीदवार सर्च पैनल के सामने पेश हुए, जबकि सीयू के लिए केवल दो वीसी पद के उम्मीदवार आशुतोष घोष और देबातोष गुहा ही आये थे. सीयू के लिए चुनी गयी तीसरी कुलपति उम्मीदवार, सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी, को सुप्रीम कोर्ट पहले ही रवींद्र भारती विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त कर चुका है. अन्य विवि में भी प्रक्रिया जारी

एक अधिकारी ने बताया कि छह विश्वविद्यालयों, जादवपुर यूनिवर्सिटी, बाबा साहेब अंबेडकर एजुकेशन यूनिवर्सिटी, नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय, विश्व बांग्ला विश्वविद्यालय, उत्तर बंग कृषि विश्वविद्यालय और साधु रामचंद मुर्मू विश्वविद्यालय, के कुलपति पद के लिए चयन प्रक्रिया निर्धारित थी. गुरुवार को रायगंज यूनिवर्सिटी, संस्कृत कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी, डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय, गौर बंग विश्वविद्यालय और हरिचंद गुरुचंद विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए चयन प्रक्रिया निर्धारित है. कानूनी विवाद और उच्चतम न्यायालय का हस्तक्षेप

17 राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के लिए सर्च पैनल का गठन किया गया था, लेकिन दो विश्वविद्यालयों के लिए यह प्रक्रिया नहीं चल रही है. बारासात यूनिवर्सिटी, जहां सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी पहले कुलपति थीं, उनको इस बार शामिल नहीं किया गया है. कूचबिहार पंचानन बर्मा विश्वविद्यालय को इस सूची से बाहर रखा गया है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने संचारी मुखोपाध्याय को पहले ही कुलपति नियुक्त कर दिया है. राज्य विश्वविद्यालयों में वीसी की नियुक्तियों को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है. पूर्व मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में कुलपतियों के चयन के लिए एक सर्च पैनल का गठन किया गया था. इसने राज्यपाल सीवी आनंद बोस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच आम सहमति के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की और 19 कुलपतियों की नियुक्ति की लेकिन नामों पर एकमत न होने के कारण 17 विश्वविद्यालयों के लिए प्रक्रिया रुकी हुई थी. इस मुद्दे को हल करने के लिए, सर्वोच्च न्यायालय ने साक्षात्कार के अंतिम दौर का निर्देश दिया, जिसमें प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए चुने गये तीन उम्मीदवारों को चयन के लिए उपस्थित होना था. 17 में से, कूचबिहार पंचानन बर्मा यूनिवर्सिटी को पहले ही अपना कुलपति मिल गया है.

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Published by: Bijay kumar

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