प्राइवेट बसों में ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन मिरर लगाकर सड़क हादसों में कमी लाने की कोशिश

शहर में प्राइवेट बसों की चपेट में आकर होनेवाली मौतों पर लगाम लगाने के लिए कोलकाता पुलिस की ओर से विशेष पहल की गयी है.

सीपी ने कहा- ऐसे मिरर लगने से हादसे कम होंगे

संवाददाता, कोलकाता

शहर में प्राइवेट बसों की चपेट में आकर होनेवाली मौतों पर लगाम लगाने के लिए कोलकाता पुलिस की ओर से विशेष पहल की गयी है. शुक्रवार को कोलकाता ट्रैफिक पुलिस की ओर से बीबीडी बाग में एक कार्यक्रम के दौरान बस ड्राइवरों के लिए ब्लाइंड स्पॉट पर नजर रखने के लिए एक विशेष मिरर लगाया गया, जिसे ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन मिरर कहा गया है. यह मिरर कोलकाता पुलिस की ओर से बसों में लगाये गये है, ताकि ड्राइवर वाहन चलाते वक्त ब्लाइंड स्पॉट में पड़ने वाले यात्रियों पर आसानी से नजर रख सकें और हादसों को रोका जा सके. कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर ब्लाइंड स्पॉट मिरर से लैस बसों को रवाना किया. इस मौके पर सीपी ने कहा कि कोलकाता पुलिस लगातार दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रयासरत है.

ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महानगर में बसों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या वर्ष 2023 में 47 थी, जो वर्ष 2024 में बढ़कर 57 हो गयी. वहीं इस साल 30 अप्रैल तक 18 घातक दुर्घटनाओं में बसें शामिल थीं. बस ड्राइवरों के ब्लाइंड स्पॉट के कारण वर्ष 2023 में 11 दुर्घटनाएं हुई थीं. वर्ष 2024 में यह संख्या 13 हो गयी. वर्ष 2025 के अप्रैल महीने तक 4 है. अगर दूसरे शब्दों में कहा जाये तो ब्लाइंड स्पॉट के कारण होनेवाली दुर्घटनाएं करीब 23 प्रतिशत हैं. ऐसे में पुलिस ने इसे कम करने के लिए बसों में ब्लाइंड स्पॉट मिरर लगाने का फैसला किया.

कोलकाता ट्रैफिक पुलिस की ओर से सभी 26 ट्रैफिक गार्ड की तरफ से शहर भर में बसों में ब्लाइंड स्पॉट लुकिंग ग्लास दिया जायेगा. पुलिस सूत्रों के अनुसार बस चालक की अनदेखी ही बसों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है. चूंकि बस चालक की सीट बहुत ऊंची होती है, इसलिए बस चालक अक्सर बस के ठीक सामने सड़क पार कर रहे लोगों को नहीं देख पाता, जिसके कारण अक्सर सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान चली जाती हैं.

कार्यक्रम के दौरान डीसी ट्रैफिक ने एक संक्षिप्त प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को ब्लाइंड स्पॉट्स के बारे में जानकारी दी. बाद में, पुलिस कमिश्नर ने अपने वक्तव्य के माध्यम से इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ायी. वहीं ज्वाइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट केे सचिव तपन बनर्जी ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इससे बस ड्राइवरों को इस मिरर से ड्राइविंग के दौरान मदद मिलेगी. इसके साथ ही उन्होंने ट्रैफिक पुलिस से बस के बॉडी पर लाठी से नहीं मारने की अपील की.

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Published by: Subodh kumar singh

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