ईडी का कोलकाता में IPAC कार्यालय पर छापा, प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर भी तलाशी
ED Raid At I-PAC Office: ईडी ने सॉल्ट लेक स्थित आई-पेक कार्यालय पर छापेमारी की है. ईडी की एक दूसरी टीम लाउडन स्ट्रीट स्थित आई-पेक प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर भी छापेमारी कर रही हैं. इधर राजनीतिक गलियारे में भी हलचल मच गया है. सीएम ममता ने केंद्र पर गंभीर आरोप लगाये हैं, वहीं माकपा ने प्रेस कान्फेंस बुलाई है.
मुख्य बातें
ED Raid At I-PAC Office: कोलकाता. ईडी ने गुरुवार सुबह सॉल्ट लेक के सेक्टर- 5 स्थित कंसल्टेंसी फर्म आइ-पेक के कार्यालय पर छापेमारी की. दिल्ली से आयी आई ईडी की एक विशेष टीम आइ-पेक प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर छापेमारी कर रही है. यह छापेमारी दिल्ली में कोयला तस्करी मामले में दर्ज एक पुराने मामले के सिलसिले में की गई है. राज्य सरकार की कंसल्टेंसी फर्म के कार्यालय और उसके प्रमुख के घर पर ईडी की छापेमारी की खबर फैलते ही राज्य के राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई.
प्रतीक के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता
छापेमारी की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी i-pac के प्रतीक जैन के लाउडेन स्ट्रीट स्थित आवास पहुंची. दोपहर करीब 12 बजे, जब तलाशी अभियान चल रहा था, मुख्यमंत्री अचानक प्रतीक के घर पहुंची. मुख्यमंत्री के पहुंचने से पांच मिनट पहले ही कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा भी वहां पहुंच गए थे. हालांकि, कुछ ही मिनटों में ममता प्रतीक के घर से हाथ में एक हरी फाइल लिए बाहर निकलीं. पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी के कई दस्तावेज यहां रखे हुए हैं. ईडी की टीम उन्हें जब्त कर रही है. ईडी के लोग हार्ड डिस्क और फोन समेत सब कुछ ले जा रहे हैं. अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ईडी के लोग मेरी टीम के दस्तावेज जब्त कर रहे हैं. मैंने प्रतीक को फोन किया. वह मेरी टीम का प्रभारी है.
शुभेंदु अधिकारी ने जतायी आपत्ति
सीएम ममता के प्रतीक के घर पहुंचने पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आपत्ति दर्ज कराते हुए ममता बनर्जी पर कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की कोशिश की है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी का यह कार्य अनैतिक है. शुभेंदु ने कहा कि वह जांच और ईडी की तलाशी पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे. उन्होंने कहा- मैं जांच में शामिल नहीं हो रहा हूं. हालांकि, मुख्यमंत्री ने पहले भी संवैधानिक निकायों के काम में हस्तक्षेप किया है और जांच में बाधा डाली है.
सीपीएम ने बुलाया प्रेस कान्फेंस
सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने गुरुवार दोपहर को एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है. माना जा रहा है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा आइ-पेक कार्यालय पर की गई छापेमारी से संबंधित है. इसके साथ ही, बंगाल के सत्ताधारी खेमे में भी अटकलें और चर्चाएं शुरू हो गई हैं. राज्य प्रशासन के भीतर भी बातचीत चल रही है. आइ-पेक के प्रमुख प्रतीक को बंगाल की राजनीति और प्रशासन में ‘प्रभावशाली’ माना जाता है. उन्होंने कई बार नबन्ना का दौरा किया है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की है. विधानसभा चुनावों से पहले, आइ-पेक ने विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के कार्यान्वयन के संबंध में सत्ताधारी पार्टी और सरकार के बीच संबंध स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
टीएमसी से प्रतीक का करीबी संबंध
आइ-पेक का प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क रहा है. आइ-पेक की टीम का अभिषेक बनर्जी और उनके कार्यालय के साथ घनिष्ठ संबंध रहा है. माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों में तृणमूल का उम्मीदवार कौन होगा और किसे बाहर रखा जाएगा, यह तय करने में आइ-पेक की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है. वे पूरी प्रक्रिया में गहराई से शामिल हैं. अभिषेक इस समय मालदा में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. गुरुवार को मालदा में उनका एक विस्तृत कार्यक्रम है.
छापेमारी का राजनीतिक महत्व
अभिषेक आमतौर पर चुनाव प्रचार के लिए एक जिले से दूसरे जिले की यात्रा करते हैं, लेकिन रात में कोलकाता लौट आते हैं. अगले दिन वे अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो जाते हैं, लेकिन विधवा की मृत्यु वाली रात वह कोलकाता नहीं लौटे. दिनाजपुर में दो कार्यक्रमों के बाद वह मालदा में ही रुके रहे और गुरुवार सुबह ईडी ने अपना अभियान शुरू किया. हालांकि आइ-पेक कार्यालय और प्रतीक के घर पर छापा मारना ऊपरी तौर पर ‘भ्रष्टाचार’ के मामले से जुड़ा है, लेकिन इसका ‘राजनीतिक महत्व’ बहुत अधिक है. वास्तव में, इसका राजनीतिक महत्व वास्तविक है.
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