मुख्य बातें
ED Raid : कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने कोलकाता स्थित रियल एस्टेट कंपनी मर्लिन ग्रुप और उसके प्रवर्तकों के परिसरों में बुधवार को छापेमारी की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई धनशोधन जांच के तहत की गयी. अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत समूह एवं उसके प्रवर्तकों सुशील मोहता और साकेत मोहता से जुड़े लगभग सात परिसरों में छापेमारी की गयी. कंपनी की ओर से छापेमारी के संबंध में प्रतिक्रिया का इंतजार है.
जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप
प्रवर्तक और कंपनी संघीय जांच एजेंसी की निगरानी में हैं और उन पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके झूठा स्वामित्व रिकॉर्ड बनाने का आरोप है, जिसके कारण भूमि हड़पने के आरोप लगे हैं. कंपनी के प्रमोटरों पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमीन के स्वामित्व का झूठा रिकॉर्ड तैयार करने का आरोप है. एजेंसी का कहना है कि इस कथित फर्जीवाड़े के जरिये जमीन हड़पी गयी और बाद में उसी जमीन पर बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट विकसित किये गये. आरोप है कि खुद को वैध मालिक बताकर लोगों को निवेश के लिए फुसलाया गया और भारी रकम जुटायी गयी.
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कई घंटों तक चली छापेमारी
बुधवार सुबह इडी की कई टीमें सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स से केंद्रीय बलों के साथ रवाना हुईं. इसके बाद शहर और आसपास के इलाकों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया. केष्टोपुर के एक फ्लैट, प्रिंस अनवर शाह रोड समेत सात ठिकानों पर छापेमारी की गयी. इन परिसरों में कंपनी से जुड़े दफ्तर, आवास और फ्लैट शामिल हैं. कई घंटों तक तलाशी चली, हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि एजेंसी को क्या-क्या बरामद हुआ है या कोई दस्तावेज जब्त किये गये हैं या नहीं. एजेंसी जमीन से जुड़े लेनदेन के दस्तावेज और वित्तीय प्रवाह की कड़ियों को खंगाल रही है.
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