500 करोड़ रुपये से अधिक एनपीए का हुआ खुलासा
कोलकाता. इडी के कोलकाता जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर अंडमान एंड निकोबार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (एएनएससीबीएल) घोटाले से जुड़ी 51 अचल संपत्ति कुर्क की है. इसका अनुमानित मूल्य 200.02 करोड़ रुपये है. कुर्क संपत्ति में अंडमान व निकोबार द्वीप समूह स्थित होटल, रिसॉर्ट और भूमि के कई टुकड़े शामिल हैं. इडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच क्राइम एंड इकोनॉमिक ऑफेंस पुलिस स्टेशन, अंडमान एंड निकोबार द्वारा भारतीय दंड विधान, 1860 की विभिन्न धाराओं में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी. जांच में पता चला कि कुलदीप राय शर्मा, जो उस समय बैंक के उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद थे, ने बैंक अधिकारियों और सहयोगियों के साथ मिलकर 23 शेल कंपनियां बनायी. इनमें से 21 कंपनियों के नाम पर 301.50 करोड़ रुपये के ऋण और ओवरड्राफ्ट स्वीकृत किये गये. इनमें से 18 शेल कंपनियों को दिये गये करीब 271 करोड़ रुपये के ऋण एनपीए में बदल गये. 100 से अधिक उच्च मूल्य ऋण नाबार्ड दिशानिर्देशों, आरबीआइ निर्देशों और बैंक के आंतरिक नियमों का उल्लंघन करते हुए स्वीकृत किये गये.
एक करोड़ रुपये से अधिक के खातों में एनपीए की राशि 420 करोड़ रुपये से अधिक पायी गयी, जबकि कुल मिला कर 500 करोड़ रुपये से अधिक राशि एनपीए में परिवर्तित हो चुकी है.